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हरदेव सिन्हा आत्मदाह मामला विस में गूंजा
27-Aug-2020 6:31 PM
हरदेव सिन्हा आत्मदाह मामला विस में गूंजा

विपक्ष का काम रोको प्रस्ताव आग्राह्य

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 अगस्त।
बेरोजगारी के चलते सीएम हाऊस के सामने आत्मदाह के मामले पर गुरूवार को विपक्षी भाजपा सदस्यों के काम रोको प्रस्ताव पर सदन में काफी नोंक-झोंक हुई। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा भर्तियां नहीं हो रही हैं। पद निकाले गए हैं लेकिन परीक्षाएं नहीं हो रही है। ऐसे में आत्मदाह की घटना प्रदेश के लिए अलार्मिंग है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि यह सिर्फ हरदेव सिन्हा की घटना नहीं है। यह छत्तीसगढ़ के नौजवानों का दुख दर्द है। इस पर चर्चा कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस नौजवान को आत्मदाह के लिए मजबूर क्यों होना पड़ा? पूर्व मंत्री ने कहा कि अंबिकापुर, जगदलपुर सहित अन्य दूरदराज इलाकों से लोग पांच-पांच सौ किमी चलकर आते हैं। कोरोना काल है, लेकिन मंत्रियों से मुलाकात नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि किसी न किसी व्यक्ति को वहां करना चाहिए कि वे उनसे मिल लें, उनके आवेदन लें।

श्री अग्रवाल ने कहा कि कोई व्यक्ति मिलता ही नहीं, तो निराशा हो जाती है। तब ऐसी घटनाएं होती है। पूर्व मंत्री ने पिछले सरकार में भर्तियां हुई थी उनका वेरीफिकेशन हो गया था। उन्हें नियुक्ति पत्र मिलना था। लेकिन नियुक्ति पत्र नहीं मिल पाया, तो यह सरकारों की विश्वनीयता पर प्रश्नचिन्ह है। उन्होंने पुलिस भर्ती का जिक्र किया कि ऐसे हजारों पद हैं, पुलिस भर्ती हो गई, दौड़ भी हो गई, सबकुछ हो गया लेकिन नियुक्ति नहीं मिल पाई। 

पूर्व मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ छोटा राज्य है। हम सबको रोजगार दें  पाए यह जरूरी नहीं। पर हम लोगों को संतुष्ट कर सकते हैं कि उनकी बात सुनी गई है। अगर हम इसको भी बंद कर देंगे तो शायद हरदेवलाल सिन्हा जैसी हृदयविदारक घटना है, जो कि छत्तीसगढ़ नौजवानों के दर्द की कहानी है।

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने अपने जवाब में बताया युवक ने सीएम हाउस के पास आत्महत्या की कोशिश की थी, उसे पुलिस ने इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, बेहतर उपचार की व्यवस्था की गई। युवक ने अपने बयान में किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। उपचार के लिए नौ लाख से अधिक उपचार का बिल राज्य शासन ने दिया है। प्रदेश में भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। कोरोना के कारण जरूर कुछ विलंब हो रहा है। चर्चा में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, रंजना साहू और धर्मजीत सिंह ने हिस्सा लिया। विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। 


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