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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 अगस्त। विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार से शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, पूर्व मंत्री बलिहार सिंह, पूर्व मंत्री डीपी धृतलहरे और रजनीगंधा देवी के साथ-साथ गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्रवाई बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने दिवंगत पूर्व सीएम श्री जोगी और बलिहार सिंह, डीपी धृतलहरे और रजनीगंधा देवी का जीवन परिचय दिया और राजनीतिक-सामाजिक क्षेत्रों में उनके योगदान को याद किया। इसके अलावा गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में शहीद जवानों को भी श्रद्धांजलि दी। सदन में मुख्यमंत्री श्री बघेल के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, जनता कांग्रेस के नेता धर्मजीत सिंह और दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती डॉ. रेणु जोगी और अन्य सदस्यों ने अपने विचार रखेे।
श्रीमती डॉ. रेणु जोगी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जोगीजी का अंतिम सपना गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को जिला बनाने का था। श्रीमती जोगी ने इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके सपनों को पूरा कर गुरूदक्षिणा दिया है। उन्होंने कहा कि अजीत जोगी की आत्मकथा का संकलन किया जा रहा है, उसका नाम भी लोगों की मंशा के अनुसार सपनों का सौदागर ही रखूंगी।


