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छत्तीसगढ़ की इलाज की क्षमता कोरोना-जरूरतों से अधिक-एम्स डायरेक्टर
21-Aug-2020 1:34 PM
छत्तीसगढ़ की इलाज की क्षमता कोरोना-जरूरतों से अधिक-एम्स डायरेक्टर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 21 अगस्त।
छत्तीसगढ़ में आज कोरोना की स्थिति पिछले कुछ महीनों के मुकाबले अधिक गंभीर हुई है, लेकिन एम्स रायपुर के डायरेक्टर, डॉ. नितिन एम. नागरकर का मानना है कि राज्य में चिकित्सा की क्षमता पर्याप्त है, और फिक्र की कोई बात नहीं है। 

इस अखबार ‘छत्तीसगढ़’, से बात करते हुए डॉ. नागरकर ने कहा कि छह महीने पहले एम्स में होने वाली जांच में कोरोना पॉजिटिव की संख्या एक दिन में ईकाई में होती थी, फिर वह दहाई तक पहुंची, और अब तो रोज सैकड़ों लोग पॉजिटिव निकल रहे हैं। राज्य में रायपुर की हालत सबसे अधिक गंभीर है जहां सबसे अधिक कोरोना पॉजिटिव रोज आ रहे हैं। 

डॉ. नागरकर से इसके पीछे की वजहें पूछने पर कि क्या यह लौटे हुए मजदूरों की वजह से हो रहा है, उनका कहना था कि सिर्फ मजदूरों की बात नहीं है, बाकी लोगों का भी तो आना-जाना हो रहा है, अब तो आने-जाने के प्रतिबंध खत्म हो गए हैं, लॉकडाऊन खत्म हो गया है, इन तमाम वजहों से भी पॉजिटिव बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाऊन हमेशा के लिए तो लग नहीं सकता था, और इसके हटने के बाद कुछ बढऩा स्वाभाविक था। 

उनसे देश के बाकी राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ की स्थिति के बारे में पूछने पर उनका कहना था कि दिल्ली, मुम्बई, या राजस्थान के मुकाबले छत्तीसगढ़ में केस देर से आए, लेकिन अब बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। 

अभी कोरोना पॉजिटिव लोगों के बारे में चिकित्सा-प्रोटोकॉल में किन बातों पर अमल किया जा रहा है यह पूछने पर उनका कहना था कि 50 बरस से अधिक उम्र के, या दूसरी बीमारियों वाले मरीज, जिन्हें कोमॉर्बिड कहा जाता है, उन्हें अस्पताल या संस्थागत दाखिले में ही रखा जाता है। लेकिन बाकी मरीज अगर कम उम्र के हैं, उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं है, और कोरोना के कोई लक्षण भी नहीं है, तो उन्हें घर पर ही अलग से रखने को छूट दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में इन तमाम बातों का पालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए भी जरूरी है कि गंभीर बीमारियों वाले कोरोना पॉजिटिव, या गंभीर लक्षणों वाले कोरोना पॉजिटिव के लिए अस्पताल की क्षमता उपलब्ध रहे। 

डॉ. नागरकर ने बताया कि आमतौर पर मरीजों को 10 दिन अस्पताल में रखा जा रहा है, और उनकी तबियत ठीक रहने पर, और 3 दिन के फासले वाले 2 लगातार टेस्ट निगेटिव आने पर उन्हें छुट्टी दी जा रही है। 

राज्य में अभी कोरोना के बाद होने वाली मौतों पर पूछने पर उन्होंने कहा कि अभी भी अधिकतर मौतें दूसरी बीमारियों से ग्रस्त, कोमॉर्बिड मरीजों की हुई हैं, और बहुत कम मौतें बिना दूसरी बीमारियों के।


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