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सत्र से पहले सदस्यों की कोरोना-ऑक्सीजन की जांच
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 अगस्त। विधानसभा के मानसून सत्र में पौने छह सौ से अधिक सवाल लगे हैं। कोरोना फैलाव रोकने के लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है। सदन की कार्रवाई शुरू होने से पहले सभी सदस्यों का कोरोना टेस्ट होगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत बुधवार को पत्रकार दीर्घा सलाहकार समिति की बैठक में शामिल हुए। उन्होंने सत्र की तैयारियों की जानकारी भी ली। डॉ. महंत ने बताया कि इस सत्र के लिए कुल 579 प्रश्न लगे हैं, इसमें 304 तारांकित और 275 अतारांकित प्रश्न हैं। अभी तक चार स्थगन, 98 ध्यानाकर्षण, 3 अशासकीय संकल्प और 7 शून्यकाल की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इस सत्र में अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा।
सत्र के पहले दिन दिवंगत पूर्व सीएम अजीत जोगी, पूर्व मंत्री डीपी धृतलहरे, पूर्व मंत्री बलिहार सिंह, पूर्व सांसद रंजनीगंधा देवी और भारत-चीन सीमा पर हुई हिसंक झड़प में शहीद जवानों के साथ-साथ सुकमा नक्सल मुठभेड़ में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। डॉ. महंत ने बताया कि विधानसभा का सत्र सुचारू रूप से बिना किसी व्यवधान के चल सके, इसके लिए कई व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा में उपलब्ध बैठक क्षमता में वृद्धि करते हुए 11 अतिरिक्त कुर्सियां लगाई गई हैं और प्रत्येक सदस्य के बीच कांच का पार्टिशन किया जा रहा है। ताकि कोरोना संक्रमण से बचा जा सके। विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि मंत्री-संसदीय सचिव, सदस्यों और शासन ने जिन अफसरों को सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराए हैं, उन सुरक्षा कर्मियों का विधानसभा में प्रवेश वर्जित रहेगा।
उन्होंने बताया कि विधानसभा में मंत्रियों के साथ केवल एक स्टॉफ को परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी, लेकिन मुख्य भवन के ए-ब्लॉक में उनका भी प्रवेश वर्जित रहेगा। कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए मुख्य सभा भवन और मुख्य समिति कक्ष में एंटी बैक्टिरियल सरफेस कोटिंग कराई जा रही है, ताकि संक्रमण की संभावना को समाप्त किया जा सके। विधानसभा परिसर में सत्रकाल में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात किया जाता है, इस सत्र में जिन पुलिस कर्मियों की तैनाती होगी, वे पूरे सत्रभर अन्य व्यक्तियों के संपर्क में न आए, इसलिए उनके रूकने की व्यवस्था विधानसभा परिसर में ही की गई है।
कोरोना से निपटने आत्मबल जरूरी
डॉ. महंत ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए आत्मबल का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भय और आतंक का वातावरण बना है, इसकी जरूरत नहीं है। कोरोना संक्रमण से बेहतर ढंग से निपटा जा सकता है।


