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निगम-मंडल में नियुक्तियों पर सीएम हाऊस में घंटों चर्चा, संसदीय सचिव नियुक्ति पर सहमति
02-Jul-2020 7:16 PM
निगम-मंडल में नियुक्तियों पर सीएम हाऊस में  घंटों चर्चा, संसदीय सचिव नियुक्ति पर सहमति

सिंहदेव ने फोन से सुझाव दिए

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 2 जुलाई। सरकार के निगम-मंडलों में नियुक्ति पर चर्चा के लिए सीएम भूपेश बघेल ने गुरूवार को मंत्रियों की बैठक बुलाई। करीब पांच घंटे तक चली बैठक में मंत्रियों के सुझाव लिए गए। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत के साथ-साथ दो सीनियर विधायक सत्यनारायण शर्मा और धनेन्द्र साहू को भी आमंत्रित किया गया। बैठक में स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव मौजूद नहीं थे, लेकिन उन्होंने फोन से अपनी तरफ से सुझाव दिए। 

विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में जिलों के सुझाए गए कुछ नामों पर भी चर्चा हुई, कुछ नाम बैठक में आए, और कुछ नाम दिल्ली से भी आए। इन नामों में बैजनाथ चंद्राकर, सरजियस मिंज, रामगोपाल अग्रवाल, गिरीष देवांगन, किरणमयी नायक, अरूण वोरा, जैसे नामों पर चर्चा हुई। अरूण वोरा निगम मंडल के लिए असहमत नहीं हैं, लेकिन अमितेष शुक्ला ने किसी निगम मंडल के लिए मना कर दिया। ऐसा पता चला है कि अभी 5-7 मनोनयन ही होंगे, और ये भी दिल्ली से नामों पर मंजूरी मिल जाने के बाद होंगे।

इसके अलावा संसदीय सचिव बनाने पर भी चर्चा हुई और यह विचार सामने आया कि हर लोकसभा क्षेत्र से एक-एक कांगे्रस विधायक को संसदीय सचिव बनाया जाए। इसमें ऐसे लोकसभाध्यक्ष को छोड़ देने की चर्चा हुई जहां से मंत्री अधिक हैं।

खबर है कि आधा दर्जन विधायकों को संसदीय सचिव बनाया जा सकता है। साथ ही साथ करीब दर्जनभर से अधिक निगम मंडल, आयोगों में नियुक्तियां की जाएगी।

भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर नामों पर सहमति भी बन गई है। महिलाओं को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। सीएम हाऊस में हुई बैठक में सिर्फ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव शामिल नहीं हो पाए। वे भोपाल में हंै। निगम-मंडलों में नियुक्तियों पर चर्चा के लिए सत्यनारायण शर्मा और धनेन्द्र साहू को बुलाया गया। बताया गया कि प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने दोनों सीनियर विधायकों को निगम-मंडल का दायित्व संभालने की पेशकश की थी। किन्तु उन्होंने इंकार कर दिया था। चर्चा है कि उनसे समर्थकों के नाम मांगे गए हैं। कहा जा रहा है कि कुछ विधायकों को संसदीय सचिव का पद देने पर भी सहमति बनी है। इसको लेकर हाईकोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए नियम कानून में बदलाव किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों को निगम-मंडलों में जगह देने पर सहमति बनी है। साथ ही साथ क्षेत्रीय संतुलन को बनाए रखने पर जोर दिया गया। जिन जिलों को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है वहां के नेताओं को निगम मंडलों में रखने पर सहमति बनी है। रायपुर के अलावा बिलासपुर, और नांदगांव के कई नेताओं को निगम-मंडल में जगह मिल सकती है।
 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि मंत्रियों से चर्चा के बाद सूची हाईकमान को भेजी जाएगी। हाईकमान की मुहर लगने के बाद नियुक्तियां होंगी। उन्होंने कहा कि नियुक्तियां जल्द होने की संभावना है। 


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