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50 लाख के फंड के मिसयूज़ की आशंका
रायपुर, 16 जून। रायपुर सराफा एसोसिएशन ने रविशंकर विश्वविद्यालय में संचालित जेम्स एंड ज्वेलरी पाठ्यक्रम में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर राज्यपाल से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू के नेतृत्व में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को पत्र भेजकर इस कौशल आधारित पाठ्यक्रम के निष्क्रिय संचालन पर गंभीर चिंता जताई है।
50 लाख की राशि, शून्य प्रवेश
पत्र में बताया गया कि राज्य शासन द्वारा इस पाठ्यक्रम हेतु ₹50 लाख की राशि आवंटित की गई थी, परंतु वर्तमान सत्र में विद्यार्थियों का प्रवेश नगण्य रहा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि राशि के उपयोग में पारदर्शिता का अभाव है और पाठ्यक्रम का उद्देश्य ही विफल हो रहा है।
कुलपति से नहीं मिला संतोषजनक जवाब
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राज्यपाल महोदय से भेंट के दौरान उन्होंने यह मुद्दा उठाया था, जिस पर राज्यपाल ने कुलपति से चर्चा कर समाधान निकालने का निर्देश दिया था। निर्देश के बाद भी व्यापारियों ने कुलपति से कई बार संपर्क किया, लेकिन उन्हें आज तक कोई स्पष्ट, समयबद्ध और संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
4 बड़ी खामियां गिनाईं
पत्र में कहा गया है कि पिछले कई महीनों से:
1. पाठ्यक्रम को लेकर कोई संरचित चर्चा या समीक्षा बैठक नहीं हुई
2. छात्रों के प्लेसमेंट और भविष्य का कोई रोडमैप विश्वविद्यालय ने साझा नहीं किया
3. प्रवेश बढ़ाने के लिए कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए
4. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक पत्राचार तक नहीं हुआ
'स्किल इंडिया' का उद्देश्य विफल
हरख मालू ने कहा कि यह पाठ्यक्रम छत्तीसगढ़ के युवाओं को सराफा व्यवसाय में रोजगार देने और 'स्किल इंडिया' मिशन को जमीन पर उतारने के लिए शुरू किया गया था। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण इसकी पूरी क्षमता बर्बाद हो रही है।
राज्यपाल से 3 मांगें
व्यापारियों ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि:
1. जेम्स एंड ज्वेलरी पाठ्यक्रम के नियमित व पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित किया जाए
2. आवंटित ₹50 लाख की राशि के उपयोग की जांच कराई जाए
3. विश्वविद्यालय को पाठ्यक्रम के पुनरुद्धार के लिए समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाएं
पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजी गई है।


