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गडचिरोली, 7 जून। महाराष्ट्र के गडचिरोली में प्रस्तावित हवाई अड्डे और औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जिला कलेक्टर कार्यालय में 3,000 से अधिक किसानों के धरने के बाद अस्थायी रूप से रोक दी गई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
पिछले कुछ दिनों से धरना-प्रदर्शन में भाग ले रहे इन किसानों ने दावा किया कि हवाई अड्डे तथा चामोर्शी में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए उनकी उपजाऊ भूमि अधिगृहीत की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने इस वर्ष 12 मई को जिले में हवाई अड्डा बनाने के लिए शिरापुर चक, गुरुवाला, हीरापुर और राखी गांवों से सरकारी, निजी तथा वन विभाग के नियंत्रण वाली भूमि समेत कुल 311.81 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के लिए लगभग 104 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की थी।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जिला महासचिव अमोल मरकावार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘असली भूमि मालिकों की सहमति प्राप्त किए बिना इन परियोजनाओं के लिए सीधे आदेश जारी करके भूमि अधिगृहीत करने का सरकार का प्रयास अत्यंत अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य है। सरकार को भूमि अधिग्रहण के सभी आदेश तत्काल वापस लेने चाहिए।’’
आजाद समाज पार्टी के नेता विवेक खोबरागडे ने दावा किया कि हवाई अड्डे के लिए पांच गांवों में कई एकड़ भूमि अधिगृहीत की जाएगी और चामोर्शी में जेएसडब्ल्यू समूह के प्रस्तावित इस्पात संयंत्र के लिए 14 गांव प्रभावित होंगे, जबकि लॉयड्स मेटल्स की एक परियोजना के लिए 13 गांवों में भूमि अधिगृहीत की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिगृहीत की जा रही भूमि उपजाऊ है, जिसके कारण 6,000 से अधिक किसान परेशान हैं।
जिले के प्रभारी मंत्री आशीष जायसवाल ने शनिवार को आंदोलन कर रहे किसानों से मुलाकात की और घोषणा की कि हवाई अड्डे के लिए अब भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोकी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा। (भाषा)


