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शिक्षक ने खुद लड़ा केस, हाईकोर्ट ने ट्रांसफर आवेदन पर फैसला लेने का दिया निर्देश
05-Jun-2026 1:25 PM
शिक्षक ने खुद लड़ा केस, हाईकोर्ट ने ट्रांसफर आवेदन पर फैसला लेने का दिया निर्देश

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 5 जून। बच्चों की पढ़ाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर परेशान एक व्याख्याता ने बिना वकील की मदद के हाईकोर्ट में स्वयं अपनी बात रखी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को उनके स्थानांतरण आवेदन पर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मार्केली हाईस्कूल में पदस्थ व्याख्याता गयाराम दुबे ने न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर अपनी समस्या बताई।

उन्होंने अदालत को बताया कि उनके बच्चे भिलाई में पढ़ाई कर रहे हैं और उनकी देखभाल करने वाला कोई अन्य पारिवारिक सदस्य नहीं है। वर्तमान पदस्थापना स्थल और भिलाई के बीच लगभग 150 किलोमीटर की दूरी होने से उन्हें लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

याचिकाकर्ता ने बताया कि अप्रैल 2025 में उन्होंने बालोद या दुर्ग जिले में स्थानांतरण के लिए आवेदन दिया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी विभाग ने कोई निर्णय नहीं लिया।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने भी आवेदन पर निर्णय लेने की मांग का विरोध नहीं किया। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी के आवेदन को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता। इसके साथ ही विभाग को 45 दिनों के भीतर नियमानुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए गए।


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