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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दंतेवाड़ा, 2 जून। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर को देश के सर्वाधिक विकसित क्षेत्रों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में विकास के विशेष कार्य किए जा रहे हैं। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं वनोपज आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जाएगा। वनोपजों के मूल्य संवर्धन के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।
श्री साय दंतेवाड़ा जिले के गीदम विकासखंड के दूरस्थ गांव चेरपाल में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में मंगलवार को पहुंचे। उन्होंने खेल, पर्यटन, शिक्षा एवं आधारभूत संरचना के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी ली।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों, शिकायतों के निराकरण तथा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 29 हजार किसान जैविक खेती से जुड़े हैं और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
इस अवसर पर जिले में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों के हितग्राहियों को सांकेतिक चेक एवं विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरित किए गए।
दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी ने स्थानीय बोली में ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया और क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुडामी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, सीईओ, जयंत नाहटा प्रमुख रूप से मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने चेरपाल खेल मैदान के विकास हेतु 50 लाख रुपये तथा तुमरीगुंडा खेल मैदान के विकास के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। इसी प्रकार तुमरीगुंडा में पशु औषधालय भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा चेरपाल में मॉडल बाजार निर्माण के लिए 60 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने गोयंदर नाला पर स्टॉप डैम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही बेनपाल, बड़ेपल्ली, पुरंगेल एवं लोहागांव में विद्युतीकरण कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।
उन्होंने ढोलकाल, हादावाड़ा एवं कुम्हार रास क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास के लिए विशेष कार्य कराए जाने की घोषणा की। साथ ही मां दंतेश्वरी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए ठहरने की बेहतर व्यवस्था विकसित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने काउरगांव स्थित पोटाकेबिन के पक्के निर्माण तथा गीदम में आईआईटी भिलाई के सहयोग से ट्राइबल रिसर्च पार्क की स्थापना की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आदिवासी संस्कृति, परंपरा, ज्ञान एवं नवाचारों के संरक्षण और अनुसंधान का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का शुभारंभ 1 मई से हुआ है और आगामी दिनों तक यह अभियान पूरे प्रदेश में जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में लगाए जा रहे शिविरों के माध्यम से लोगों को तत्काल राहत एवं योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा, जिसके कारण विकास की गति बाधित हुई। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और संकल्प के परिणामस्वरूप क्षेत्र में शांति एवं विकास का नया वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने नक्सल उन्मूलन में सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही सकारात्मक परिवर्तन को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका को भी उल्लेखनीय बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोगों को उपचार के लिए बाहर न जाना पड़े। शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बारसूर में पर्यटन विकास के लिए राशि स्वीकृत की गई है तथा दंतेवाड़ा जिले में 12 नई सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में निरंतर विकास कार्य संचालित हो रहे हैं और आने वाले समय में बस्तर विकास एवं समृद्धि की नई पहचान बनेगा।
सुशासन तिहार से मजबूत हुआ भरोसा
मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव का जायजा लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही बुधनी बाई ने बताया कि उनका आवास पूर्ण हो चुका है तथा उन्हें योजना की समस्त राशि प्राप्त हो गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें नए आवास के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
करोड़पति का लक्ष्य बनाएं
स्व-सहायता समूह से जुड़ी लखपति दीदी कुंती बाई ने बताया कि वे प्रतिवर्ष लगभग दो लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें और अधिक प्रगति कर करोड़पति बनने का लक्ष्य रखना चाहिए।
कृषि विभाग के हितग्राही श्री बजरंग ने बताया कि वे विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर जैविक खेती कर रहे हैं। वहीं आयुष्मान भारत योजना की हितग्राही प्रमिला ने बताया कि उनके बच्चे का उपचार रायपुर में आयुष्मान कार्ड के माध्यम से सफलतापूर्वक कराया गया, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिली। महतारी वंदन योजना की हितग्राही श्रीमती संगीता नाथ ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का वे बचत एवं परिवार की आवश्यकताओं में सदुपयोग करती हैं।
इस दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा वन अधिकार पट्टा वितरण का विषय उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी पात्र हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टे प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय एवं वनाश्रित परिवारों के अधिकारों के संरक्षण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।


