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दो साल बाद निकलेगा सोना, 100 करोड़ राजस्व मिलेगा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 मार्च। आखिरकार महासमुंद जिले के करणखोल-राचपालपुर इलाके की सोने की खदान नीलाम हो गई है। दुर्ग जिले की आरके मिनरल्स ने 50 प्रतिशत बोली लगाकर खदान हासिल की है। नीलामी से सरकार को 100 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व की प्राप्ति होने की उम्मीद है।
खनिज विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने च्छत्तीसगढ़ज् से चर्चा में कहा कि दोबारा टेंडर के बाद बेहतर ऑफर पर स्थानीय कंपनी आरके मिनरल्स को सोना निकालने का टेंडर दिया गया है।
बताया गया कि पहली बार टेंडर में सिर्फ दो कंपनियों ने रुचि दिखाई थी। दोबारा टेंडर में भी दो कंपनियां हिस्सेदार रही हैं।
महासमुंद जिले के बागबहरा इलाके के करणखोल-राचपालपुर में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने सोने की खदान की पुष्टि की थी। यहां 150 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 300 किलो से अधिक सोने का अनुमान है। जनवरी माह में पहली बार खदान की नीलामी के लिए टेंडर बुलाए गए थे। तब सिर्फ दो कंपनियों ने नीलामी में रुचि दिखाई थी। इसके बाद प्रक्रिया निरस्त कर दोबारा नीलामी शुरू की गई। दूसरी बार भी दो कंपनियों ने हिस्सा लिया।
नीलामी से राज्य को 100 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि महासमुंद के ही सोनाखान-बागमहरा इलाके में भी सोने की खदान के पूर्वेक्षण का काम चल रहा है। यह प्रदेश की दूसरी सोने की खदान है जिसकी नीलामी हुई है। पहले महासमुंद जिले की ही बागमहरा खदान की नीलामी हुई थी। कंपनी वेदांता ने बेहतर बोली पर यहां का टेंडर हासिल किया है। कंपनी ने पूर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है। कहा जा रहा है कि दो वर्ष के भीतर यहां से सोने का खनन शुरू हो जाएगा।


