ताजा खबर
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर केंद्र सरकार से सीबीएसई से जुड़े पाँच सवाल पूछे हैं.
उन्होंने कहा कि सीबीएसई ने डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम से जुड़े शिक्षकों और विशेषज्ञों द्वारा दी गई 36 कमियों से जुड़ी चेतावनियों को नज़रअंदाज़ क्यों किया और एक हफ़्ते के भीतर इसे लागू क्यों किया गया?
पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार ने एसआईआर की तरह परीक्षा से पहले ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) लागू कर दिया है.
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ये सवाल केंद्र सरकार से पूछे हैं-
किसके आदेश पर टेंडर की शर्तें बदली गईं?
क्या आपने एक कंपनी को फ़ायदा पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किया?
सीओईएमपीटी कंपनी और बीजेपी के बीच क्या रिश्ता है, जिसकी वजह से उसे टीसीएस पर प्राथमिकता दी गई?
मोदी सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था को पीछे क्यों धकेल रही है?
दरअसल सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के नए ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम पर स्टूडेंट्स, अभिभावक और विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
13 मई को सीबीएसई के 12वीं कक्षा के नतीजे आए. पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब 3 फीसदी कम स्टूडेंट पास हुए.
रिजल्ट जारी होते ही सीबीएसई के नए मूल्यांकन सिस्टम ओएसएम (ऑन स्क्रीन मार्किंग) पर सवाल उठने लगे, जिससे डिज़िटल तरीके से मूल्यांकनकर्ताओं ने आंसर कॉपी जांची थीं.
पहले का तरीक़ा यह था कि परीक्षा के बाद छात्रों की आंसर कॉपियां बंडल बनाकर टीचरों के पास भेजी जाती थीं. टीचर उन्हें हाथ में लेकर लाल पेन से जांचते थे, नंबर जोड़ते थे और साइन करते थे.
अब सीबीएसई ने नया तरीक़ा अपनाया है. (bbc.com/hindi)


