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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फ़ेसबुक पर लाइव आईं.
इस दौरान उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, "देश की दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के सांसद के साथ जिस तरह मारपीट की गई, वह बेहद चौंकाने वाला है. डॉक्टरों को बुलाया गया, लेकिन अस्पताल को उनका इलाज न करने के निर्देश दिए गए. यह कैसी हास्यास्पद और तानाशाही कार्यप्रणाली है?"
ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और अधिक मज़बूत होकर उभरेगी.
उन्होंने कहा, "आज जो लोग यह बड़ा दावा कर रहे हैं कि पार्टी के नेता कार्यकर्ताओं के साथ खड़े नहीं हैं, वे झूठी जानकारी फैला रहे हैं. पूरे देश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. यहां तक कि हिटलर ने भी ऐसा नहीं किया था."
"इस स्थिति का वर्णन करने के लिए अब शब्द नहीं बचे हैं, क्योंकि जब भाषा भी जवाब दे दे, तो इसका मतलब है कि दमन अपनी सारी सीमाएं पार कर चुका है."
उन्होंने कहा, "आप कुछ विधायकों और सांसदों को डराकर या लालच देकर तृणमूल कांग्रेस को कमज़ोर नहीं कर सकते. बल्कि, इससे पार्टी और अधिक मज़बूत हो रही है."
दरअसल, अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गए पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने गए थे तभी उन पर पथराव हुआ था.
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि उनके भतीजे और पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी को भर्ती न करने के लिए एक निजी अस्पताल पर दबाव डाला गया. (bbc.com/hindi)


