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पल्सर बाइक में भागे तीनों लुटेरे अब तक पकड़ से बाहर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पेंड्रा-गौरेला-मरवाही, 28 मई। कोटमी साप्ताहिक बाजार में मंगलवार शाम हुई सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी उर्फ पप्पू की गोली मारकर हत्या और करीब 60 लाख रुपये के सोना-चांदी के जेवर लूटने की घटना ने पूरे गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले समेत बिलासपुर-सरगुजा संभाग को झकझोर दिया है। भीड़भाड़ वाले बाजार में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद व्यापारियों और आम लोगों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। घटना के विरोध में बुधवार को पेंड्रा नगर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
बताया गया कि मंगलवार शाम करीब 7 बजे प्रदीप सोनी कोटमी साप्ताहिक बाजार में अपनी दुकान समेट रहे थे। उन्होंने लाखों रुपये के जेवर दो बैगों में पैक कर लिए थे। इसी दौरान पल्सर मोटरसाइकिल पर पहुंचे तीन नकाबपोश बदमाशों ने उनके बैग छीनने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदीप ने बदमाशों का डटकर विरोध किया और मदद के लिए चिल्लाने लगे। इसी बीच एक आरोपी ने बेहद करीब से उनके सीने में गोली दाग दी थी।
गोली चलते ही बाजार में भगदड़ और चीख-पुकार मच गई थी। इस दौरान प्रदीप ने बैग नहीं छोड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोली लगने के बाद भी वह करीब 15 से 20 मीटर तक बदमाशों से संघर्ष करते रहे। काफी खून बह जाने और बेहोश होने के बाद ही आरोपी बैग छीनकर भाग सके। घायल हालत में उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पेंड्रा में माहौल तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित परिजन, व्यापारी और स्थानीय नागरिक देर रात तक दुर्गा चौक में शव रखकर प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार नहीं करने की चेतावनी दी। लगभग तीन घंटे तक सड़क जाम की स्थिति बनी रही। बाद में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
अगले दिन बुधवार सुबह तीन डॉक्टरों की टीम ने प्रदीप सोनी का पोस्टमार्टम किया, जिसकी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद भी नाराज लोगों ने शव रखकर दोबारा सड़क जाम कर दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग मंगलवार रात ही पेंड्रा पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। आईजी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लूट के उद्देश्य से वारदात किए जाने की पुष्टि हुई है। आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पुलिस के खुफिया नेटवर्क की मदद से जांच तेज कर दी गई है। पड़ोसी जिलों और दूसरे राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।
हैरानी की बात यह रही कि घटना के समय कोटमी चौकी प्रभारी बाजार में ही मौजूद थे। गोली चलने की आवाज सुनकर उन्होंने आरोपियों का पीछा भी किया, लेकिन बदमाश फरार होने में सफल रहे। वहीं मौके पर मौजूद एक आरक्षक ने घायल व्यापारी को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया।
इस घटना ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज बुधवार को पेंड्रा पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपराधियों का अड्डा बनता जा रहा है। पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने भी घटना को बेहद दुखद बताते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा और सुरक्षा देने की मांग की। उन्होंने गृह मंत्री विजय शर्मा के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि राज्य में कानून का भय खत्म हो चुका है और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
व्यापारियों के आह्वान पर बुधवार को पेंड्रा बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही अधिकांश दुकानें बंद रहीं और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। लेकिन फिलहाल इस निर्मम हत्या और लूट की घटना ने पूरे इलाके में असुरक्षा और आक्रोश का गहरा माहौल पैदा कर दिया है।


