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50 लाख से अधिक के जेवर लूटे
तीन नकाबपोश बदमाश पहुंचे थे पल्सर बाइक पर, फरार
शव रखकर घंटों चक्काजाम, गौरेला बाजार स्वस्फूर्त बंद
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 27 मई। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा क्षेत्र के एक बड़े बाजार कोटमी में मंगलवार शाम हुई सर्राफा कारोबारी प्रदीप सोनी उर्फ पप्पू की हत्या और लूट की वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बाजार में तीन बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े व्यापारी को गोली मार दी और सोना-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वारदात के विरोध में व्यापारियों ने बुधवार को पेंड्रा और आसपास के क्षेत्रों में पूर्ण बंद का आह्वान किया है। व्यापारी संगठनों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोगों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
व्यापारी की हत्या के विरोध में बुलाए गए बंद का असर बुधवार सुबह से ही पूरे पेंड्रा और आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई दिया। मुख्य बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं और आम दिनों की चहल-पहल पूरी तरह गायब नजर आई। सड़कों पर आवाजाही कम रही, जबकि बाजार क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश और भय का माहौल है। लोग लगातार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इधर, प्रदीप सोनी के परिजन हत्या से बेहद आक्रोशित हैं। परिवार ने साफ कर दिया है कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। प्रशासन ने पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों की टीम गठित की है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने की भी तैयारी की गई है। इसके बावजूद परिजन अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, जिससे जिला अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार पेंड्रा निवासी प्रदीप सोनी, राजकुमार सोनी के पुत्र थे और हर सप्ताह की तरह मंगलवार को भी कोटमी हाट-बाजार में सोने-चांदी की दुकान लगाने पहुंचे थे। दिनभर कारोबार करने के बाद शाम करीब सात बजे वह दुकान समेटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बदमाश सीधे प्रदीप सोनी की दुकान तक पहुंचे और लूटपाट करने लगे। व्यापारी ने विरोध किया तो एक आरोपी ने बेहद करीब से उनके सीने में गोली दाग दी।
गोली लगते ही प्रदीप सोनी खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। बाजार के बीचोंबीच चली गोली की आवाज सुनते ही भगदड़ मच गई। कई दुकानदारों ने तत्काल अपनी दुकानें बंद कर दीं। हाट में बड़ी संख्या में ग्रामीण और ग्राहक मौजूद थे, कुछ देर में ही पूरा इलाका दहशत में घिर गया। तीन लुटेरे एक ही पल्सर बाइक पर पहुंचे थे, वारदात को अंजाम देने के बाद वे तुरंत फरार हो गए।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों की मदद से गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि बदमाश दुकान से सोना-चांदी के जेवर भी लूटकर ले गए। लूटे गए जेवरों की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से खून के निशान, खाली कारतूस और अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं। फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सील कर दिया है।
हत्या के बाद जिलेभर में नाकेबंदी कर दी गई है। पेंड्रा, गौरेला और आसपास के मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी वारदात के बाद सीमावर्ती इलाकों की ओर भागे हैं। बाजार और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कुछ संदिग्ध गतिविधियां कैमरों में कैद हुई हैं।
घटना से नाराज परिजन, सर्राफा व्यापारी संघ और स्थानीय नागरिक देर रात जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पुलिस के हाथ से शव को छीन लिया और पेंड्रा के व्यस्त दुर्गा चौक पहुंच गए। वहां शव रखकर चक्काजाम कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि देर रात तक दुर्गा चौक पर भारी भीड़ जुटी रही।
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों और परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कोटमी हाट में हर सप्ताह 10 से 15 सर्राफा व्यापारी दुकान लगाते हैं। बाजार से कुछ ही दूरी पर पुलिस चौकी होने के बाद भी सुरक्षा के लिए कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। व्यापारियों ने इसे प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताया।
करीब तीन से चार घंटे चले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनी। प्रशासन ने बुधवार तक आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त हुआ। शव को सुरक्षित रखने के लिए फिर जिला अस्पताल भेजा गया। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि आरोपी जल्द गिरफ्तार नहीं हुए तो अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
जीपीएम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए जिलेभर में नाकेबंदी की गई है। तकनीकी साक्ष्य, मुखबिरों की सूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच जारी है। सभी नजदीकी थानों को अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द गिरफ्तारी होगी।
इस बीच पेंड्रा और आसपास के क्षेत्रों में भय और गुस्से का माहौल बना हुआ है। विरोध में गौरेला- पेंड्रा के बाजार आज बंद हैं। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।





