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डायरेक्टर एफएसएल सुशील द्विवेदी ने हरी झंडी दिखाई
रायपुर, 23 मई। राजधानी रायपुर में अपराध अनुसंधान एवं वैज्ञानिक जांच व्यवस्था को और अधिक मजबूती देने 2 अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन को डायरेक्टर एफएसएल सुशील चंद्र द्विवेदी एवं पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने हरी झंडी दिखाकर लैब के सुपुर्द किया। डॉ. शुक्ला ने कहा कि मोबाइल फोरेंसिक वैन के संचालन से घटनास्थल पर तुरंत पहुंचकर साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा सकेगा तथा अपराधों के शीघ्र खुलासे में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में यह सुविधा पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को नई मजबूती प्रदान करेगी।
दोनों सीन ऑफ क्राइम वाहनों में विभिन्न प्रकार के अपराध स्थलों से साक्ष्य एकत्र करने हेतु आधुनिक फोरेंसिक किट, परीक्षण उपकरण एवं आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इन मोबाइल प्रयोगशालाओं की विशेषता यह है कि इनका उपयोग रात्रिकालीन जांच कार्यों में भी प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
वाहनों के माध्यम से घटनास्थल पर ही आवश्यक फोरेंसिक परीक्षण एवं साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को तीव्र गति से पूर्ण किया जा सकेगा तथा प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी मौके पर उपलब्ध हो सकेगी। इससे जांच की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ अपराधों के त्वरित निराकरण में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में एसीपी अमित तुकाराम कांबले, एसपी रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता सिन्हा, डीसीपी उमेश गुप्ता, बार काउंसिल अध्यक्ष दिनेश देवांगन, प्रभारी डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन श्रीमती आरती गुप्ता, लोक अभियोजक जगदीश अग्रवाल , एडीसीपी मध्य श्री तारकेश्वर पटेल, डॉ. अर्चना झा, एफएसएल जेडी टी. एल. चंद्रा, वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. योगिता साहू,,, एसीपी लाइन निलेश द्विवेदी तथा आरआई अनीष सारथी सहित एफएसएल एवं प्रॉसिक्यूशन के अधिकारी , अधिवक्ता उपस्थित रहे।


