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56.19 ग्राम हेरोइन जब्त
रायपुर, 23 मई। कबीर नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंजाब से रायपुर तक फैले हेरोइन सप्लाई सिंडिकेट का खुलासा किया है। इस नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 56.19 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद किया है।
डीसीपी (वेस्ट जोन) संदीप पटेल एडीसीपी राहुल देव शर्मा, सहायक पुलिस आयुक्त आजाद चौक ईशू अग्रवाल ने इसे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पूरी सप्लाई लाइन ध्वस्त होने का दावा किया है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक महिला और एक युवक जरवाय बीएसयूपी कॉलोनी के पास हेरोइन बेचने की फिराक में हैं। घेराबंदी कर पुलिस ने रहीना कौर और करनदीप सिंह को गिरफ्तार किया। उनके पास से 9.19 ग्राम हेरोइन, एक्टिवा और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें हेरोइन पंजाब के गुरदासपुर निवासी चरणजीत सिंह उर्फ सोनू से मिली थी। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी से यह भी सामने आया कि चरणजीत सिंह रायपुर में लगातार हेरोइन सप्लाई करता है और पहले भी कई मामलों में फरार रह चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह थाना कबीर नगर के एक पुराने मामले (लगभग 400 ग्राम हेरोइन) में भी वांछित था, जबकि आमानाका थाना क्षेत्र में 150 ग्राम हेरोइन के साथ पहले गिरफ्तार हो चुका है। उसका भाई लवजीत सिंह उर्फ बंटी भी इसी नेटवर्क में शामिल पाया गया, जिसे पहले 450 ग्राम से अधिक हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। रायपुर से मुख्य सरगना की गिरफ्तारी (23 मई 2026) लगातार निगरानी के बाद पुलिस को सूचना मिली कि चरणजीत सिंह रायपुर आने वाला है। इसके बाद सोनडोंगरी तालाब के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी में उसके पास से 47 ग्राम हेरोइन और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क तीन स्तरों पर काम कर रहा था—स्थानीय पेडलर (रहीना कौर और करनदीप सिंह), अंतरराज्यीय सप्लायर (चरणजीत सिंह उर्फ सोनू) और सहयोगी नेटवर्क (लवजीत सिंह उर्फ बंटी)। पुलिस ने दावा किया है कि इस कार्रवाई से पंजाब से रायपुर आने वाली पूरी सप्लाई लाइन को तोड़ दिया गया है। पुलिस ने कुल 56.19 ग्राम हेरोइन, एक एक्टिवा वाहन और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आपराधिक रिकॉर्ड जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी चरणजीत सिंह पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है और जमानत पर बाहर आने के बाद भी वह तस्करी में सक्रिय था।
पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही वित्तीय जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि ड्रग्स से अर्जित संपत्ति को जब्त किया जा सके और अन्य स्थानीय सप्लायर्स की पहचान की जा सके।
अब तक 44 मामले,83 गिरफ्तार
कमिश्नरेट बनने के बाद वेस्ट जोन में कुल 44 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 83 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।


