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बेंगलुरु, 23 मई । भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम 26 मई को बीदर वायुसेना स्टेशन पर अपनी 30वीं सालगिरह मनाएगी, जिसमें भारत और विदेशों में शानदार हवाई प्रदर्शनों के तीन गौरवशाली दशकों का जश्न मनाया जाएगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि ‘भारतीय वायुसेना के राजदूत’ के रूप में लोकप्रिय नौ विमानों की यह टीम कम ऊंचाई पर रोमांचकारी करतबों के साथ पेशेवर उड़ान के माध्यम से लाखों लोगों को प्रेरित कर चुकी है।
प्रेस सूचना ब्यूरो के रक्षा प्रकोष्ठ द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ‘सूर्यकिरण’ का गठन 27 मई, 1996 को वायुसेना स्टेशन बिदर में किया गया था और शुरुआत में इसने किरण एमके-2 विमान उड़ाया था।
टीम ने सितंबर 1996 में तमिलनाडु के कोयंबटूर में पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन किया और इस प्रकार सटीक एरोबेटिक्स में एक प्रेरणादायक यात्रा की शुरुआत की।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दशकों में, सूर्यकिरण ने 800 से अधिक प्रदर्शन किए हैं। इस टीम ने भारत के साथ-साथ चीन, श्रीलंका, म्यांमा, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात सहित विभिन्न देशों में अपने प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है।
उन्होंने बताया, ‘‘नवाचार और उत्कृष्टता की अपनी विरासत को जारी रखते हुए, टीम 2015 से ही हॉक एमके-132 विमान का संचालन कर रहा है।’’
अधिकारियों ने बताया कि टीम के पायलट जटिल एरोबेटिक प्रदर्शन में त्रुटिहीन समन्वय के साथ महारत हासिल करने के लिए कठोर और गहन प्रशिक्षण लेते हैं।(भाषा)


