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क्वीन्स क्लब का संचालन अब पीपीपी मॉडल से
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 मई। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के सम्मेलन में प्रदेश की विभिन्न आवासीय और अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए करीब 45 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। सम्मेलन की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने मंडल मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में की।
सम्मेलन में तीन प्रमुख आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। रायपुर जिले के कोहका (तिल्दा) स्थित दीनदयाल आवास कॉलोनी में व्यावसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण के लिए 10.37 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। यहां 76 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण होगा।
जशपुर जिले के गिनाबहार में स्ववित्तीय अटल विहार योजना के तहत 97 आवासीय भवनों और 7 एकड़ भूमि के विकास कार्य के लिए लगभग 17.51 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। परियोजना में 6 एमआईजी, 64 एलआईजी और 27 ईडब्ल्यूएस आवास शामिल हैं।
मुंगेली जिले के सारधा (लोरमी) में 200 ईडब्ल्यूएस आवासों और 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य के लिए 16.94 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 44.82 करोड़ रुपये की प्रशासकीय मंजूरी दी गई।
सम्मेलन में निर्माण कार्यों में जीएसटी भुगतान प्रणाली और रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रक्रिया में एकरूपता लाने के लिए समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय भी लिया गया। इसके साथ ही दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत सीधी भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रावधानों को लागू करने और कर्मचारियों को राज्य शासन के अनुरूप पुनरीक्षित महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
सम्मेलन में क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन और रखरखाव के लिए पीपीपी मॉडल के तहत एजेंसी चयन हेतु निविदा दस्तावेज और लाइसेंस अनुबंध प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि मंडल ने वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में लगभग 317 करोड़ रुपये मूल्य की 1,647 संपत्तियों का विक्रय किया है।
सम्मेलन में मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण, आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव डी.एस. भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


