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न्यायालय ने टेट्रा पैक, पाउच में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
20-May-2026 8:35 PM
न्यायालय ने टेट्रा पैक, पाउच में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, 20 मई। उच्चतम न्यायालय ने टेट्रा पैक और पाउच जैसी पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करने वाली याचिका पर बुधवार को केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा।

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने ‘कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग’ नामक संगठन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करने को लेकर सहमति जताई।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता विपिन नायर ने कहा कि आबकारी व्यवस्था के तहत बोतल की परिभाषा ‘अस्पष्ट’ है और इस संबंध में कुछ मानक तय किए जाने की जरूरत है।

जब उन्होंने हरे सेब की तस्वीर वाले टेट्रा पैक में कुछ शराबों की पैकेजिंग का जिक्र किया, तो पीठ ने कहा, ‘‘यह बहुत भ्रामक है।’’

नायर ने कहा, ‘‘वे फलों के जूस और शराब को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। पैक पर सेब की तस्वीर होती है, लेकिन उसके अंदर वोदका होती है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना सरकार का दायित्व है।

उन्होंने दलील दी, ‘‘तंबाकू की तरह इनमें कोई चेतावनी संकेत नहीं होते। ये पैक फलों के जूस जैसे दिखते हैं, लेकिन इनमें हरे सेब की तस्वीरों के साथ वोदका होती है। इसमें मिर्च और आम फ्लेवर वाली वोदका भी है।’’

याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होने वाली एक नीति बनाए और टेट्रा पैक तथा पाउच जैसी पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाए।

याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि केंद्र सरकार राज्यों को उनके संबंधित आबकारी कानूनों, नियमों और नीतियों में संशोधन करने के लिए नीति तैयार करे, ताकि ‘‘बोतल’’ की एक समान परिभाषा अपनाई जा सके, जिसे केवल कांच की बोतलों या अन्य पारदर्शी कंटेनर तक सीमित रखा जाए।

याचिका में कहा गया है कि शराब की बोतलों को लेकर विभिन्न राज्यों की आबकारी नीतियों में मानकीकरण और समन्वय होना चाहिए।

इसमें कहा गया, ‘‘याचिकाकर्ता को यह जनहित याचिका दायर करने के लिए विवश होना पड़ा है, क्योंकि उसने देखा है कि शराब, विशेष रूप से सस्ती शराब, देश भर के विभिन्न राज्यों में पीईटी बोतलों, प्लास्टिक पाउच और टेट्रा पैक जैसी पैकेजिंग में बेची जा रही है।’’

याचिका में कहा गया है कि इस तरह की पैकेजिंग कई गंभीर जोखिम उत्पन्न करती है, जिनमें नाबालिगों द्वारा शराब का सेवन, चलते वाहन में पीना, स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव, तस्करी में बढ़ोतरी, सार्वजनिक स्थानों पर आसानी से सेवन की संभावना और पर्यावरण को होने वाला नुकसान शामिल है।

याचिका में कहा गया है कि यदि कोई चेतावनी दी भी जाती है, तो वह बहुत छोटे अक्षरों में लिखी होती है, जो उपभोक्ता को मुश्किल से दिखाई देती है या समझ में आती है।

याचिका में कहा गया है, ‘‘यह चिंताजनक है कि इन टेट्रा पैक को 'बंटी प्रीमियम वोदका', 'चिली मैंगो वोदका' और 'प्रीमियम रोमानोव वोदका, एप्पल थ्रिल' जैसे लेबल के तहत बेचा जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से उपभोक्ताओं को गुमराह करने के इरादे से किया गया है।’’ (भाषा)


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