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पीएम की सोना नहीं खरीदने की अपील का असर
रायपुर, 19 मई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और सोने की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर के सराफा बाजार में सुस्ती का माहौल देखा जा रहा है। हालांकि कारोबारियों का कहना है कि बाजार पूरी तरह प्रभावित नहीं हुआ है, बल्कि ग्राहकों की खरीदारी की आदतों और पसंद में बदलाव आया है।
सराफा कारोबारियों के मुताबिक प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद बाजार में मनोवैज्ञानिक असर जरूर पड़ा है। पिछले कुछ दिनों में खरीदारी की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन निवेश के तौर पर सोने और चांदी पर लोगों का भरोसा अब भी कायम है।
सिल्वर होलसेल एसोसिएशन के अध्यक्ष अभय कोठारी ने बताया कि सोना-चांदी की खरीदारी पूरी तरह बंद नहीं हुई है। लोग अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भी लोग सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश और भविष्य की पूंजी के रूप में देखते हैं। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण लोगों में यह धारणा बनी हुई है कि अभी खरीदा गया सोना आगे बेहतर रिटर्न दे सकता है।
वहीं सुमीत ज्वेलर्स के संचालक अशोक कांकरिया का कहना है कि फिलहाल शादी-ब्याह और त्योहारों का सीजन नहीं होने से बाजार पहले से ही सामान्य स्थिति में था। ऐसे में हालिया अपील के बाद बीते सप्ताह में खरीदारी में कुछ कमी दर्ज की गई है।
व्यापारियों के अनुसार सबसे बड़ा बदलाव ग्राहकों की पसंद में आया है। पहले जहां ग्राहक एक तोला या उससे अधिक वजन के गहनों की खरीदारी करते थे, वहीं अब हल्के और कम वजन वाले आभूषणों की मांग तेजी से बढ़ रही है। बढ़ती महंगाई और ऊंची कीमतों के चलते लोग बजट के अनुरूप छोटे डिजाइन और हल्के गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सराफा कारोबारियों का कहना है कि बदलते दौर के साथ ज्वेलरी उद्योग भी नए ट्रेंड के अनुसार खुद को ढाल रहा है। कम वजन, आधुनिक डिजाइन और किफायती ज्वेलरी की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है, हालांकि कुल वजन के हिसाब से बिक्री पहले की तुलना में कम हुई है।


