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हत्या के आरोपी ने हथकड़ी में भरा नामांकन
19-May-2026 12:08 PM
हत्या के आरोपी ने हथकड़ी में भरा नामांकन

जिस सीट के सदस्य की हत्या का आरोप, उसी सीट से चुनाव मैदान में उतरा  

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 19 मई। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की पोड़ी-उपरोड़ा जनपद पंचायत की बिजहरा सीट पर हो रहे उपचुनाव ने पूरे प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा नेता और जनपद सदस्य अक्षय गर्ग हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुश्ताक अहमद ने बिलासपुर सेंट्रल जेल से पुलिस सुरक्षा के बीच पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। हथकड़ियों में चुनाव कार्यालय पहुंचे मुश्ताक को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे इलाके में इस घटना की चर्चा तेज हो गई।

सबसे ज्यादा सनसनी इस बात को लेकर फैली है कि जिस सीट के खाली होने की वजह खुद अक्षय गर्ग की हत्या बनी, अब उसी सीट से हत्या का आरोपी चुनाव लड़ने उतर गया है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति से लेकर पूरे राज्य के राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक पोड़ी-उपरोड़ा जनपद पंचायत के बिजहरा क्षेत्र में उपचुनाव होना है। यह सीट भाजपा नेता और जनपद सदस्य अक्षय गर्ग की हत्या के बाद रिक्त हुई थी। पुलिस जांच में इस हत्याकांड के पीछे चुनावी प्रतिद्वंद्विता को प्रमुख वजह बताया गया था। पुलिस ने मुश्ताक अहमद को मुख्य आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंद है।

सोमवार को अदालत से विशेष अनुमति मिलने के बाद पुलिस मुश्ताक को कड़ी सुरक्षा में पोड़ी-उपरोड़ा जनपद कार्यालय लेकर पहुंची। हथकड़ी पहने मुश्ताक ने भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच अपना नामांकन पत्र जमा किया। इस दौरान समर्थकों और विरोधियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी रही।

23 दिसंबर 2025 को केशलपुर में अक्षय गर्ग की कुल्हाड़ी और चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई थी। उस समय इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि मुश्ताक और अक्षय के बीच पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता थी। बताया गया कि पहले हुए चुनाव में मुश्ताक को अक्षय गर्ग से हार का सामना करना पड़ा था।

अब महीनों बाद वही मामला फिर सुर्खियों में है । हत्या के आरोपी का चुनावी मैदान में उतरना लोगों के बीच बहस का विषय बन गया है। एक ओर मृत भाजपा नेता का परिवार न्याय की लड़ाई लड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर आरोपी उसी राजनीतिक सीट पर कब्जे की तैयारी करता दिखाई दे रहा है।

मालूम हो कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत कोई भी अंडरट्रायल व्यक्ति तब तक चुनाव लड़ सकता है, जब तक उसे किसी मामले में दो वर्ष या उससे अधिक की सजा न हो जाए। इसी प्रावधान के तहत मुश्ताक अहमद को चुनाव लड़ने की अनुमति मिली है।

यह जनपद क्षेत्र बिजहरा, मालदा और भंवर पंचायतों को मिलाकर बना है, जहां लगभग 2700 मतदाता हैं। इस सीट के लिए कुल 19 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। मतदान 10 जून को होना है। हालांकि मुश्ताक जेल में ही रहेगा, लेकिन उसके समर्थक चुनाव प्रचार की तैयारी में हैं।


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