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राज्य से बाहर रहने समेत लगाई सख्त शर्तें
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 18 मई। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामले में अभी बड़ी संख्या में गवाहों की जांच बाकी है और ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि अनिल टुटेजा 21 अप्रैल 2024 से न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि इस मामले के अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर आ चुके हैं। मामले में लगाए गए आरोप गंभीर जरूर हैं, लेकिन उनकी सत्यता का अंतिम परीक्षण ट्रायल के दौरान ही होगा।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने आरोपों की गंभीरता पर जोर देते हुए वर्ष 2019 के कुछ व्हाट्सएप संदेशों का उल्लेख किया। वहीं टुटेजा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मामले में लगभग 85 गवाहों की गवाही अभी बाकी है और सुनवाई पूरी होने में काफी समय लगना तय है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की अंतिम सुनवाई और निर्णय में लंबा वक्त लग सकता है। ऐसे में आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना जमानत देना उचित होगा।
शीर्ष अदालत ने जमानत के साथ कुछ कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। आदेश के अनुसार, जमानत पर रिहा होने के बाद अनिल टुटेजा छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहेंगे। उन्हें किसी भी वर्तमान सरकारी अधिकारी से संपर्क करने की अनुमति नहीं होगी और वे किसी भी गवाह को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019 से 2022 के बीच कथित शराब घोटाला संचालित हुआ। उस समय राज्य में कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। ईडी का दावा है कि इस कथित अवैध नेटवर्क से लगभग 3100 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि जांच के दौरान नौकरशाहों, राजनीतिक नेताओं और निजी कारोबारियों से जुड़े एक संगठित सिंडिकेट के संकेत मिले हैं। मामले की जांच अभी जारी है।


