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एक और सोने की खदान की नीलामी अंतिम चरण में, 300 किलो का अनुमान
18-May-2026 4:59 PM
एक और सोने की खदान की नीलामी अंतिम चरण में, 300 किलो का अनुमान

सोनाखान इलाके में करीब 27 सौ किलो सोना हो सकता है-जीएसआई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 18 मई। देश में सोने के आयात को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के बीच छत्तीसगढ़ में सोने की खोज और खनन गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। महासमुंद जिले के बागबहरा क्षेत्र स्थित करणखोल-राचपालपुर इलाके में सोने की खदान की नीलामी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। यहां करीब 300 किलो से अधिक सोने का भंडार होने का अनुमान है।

खनिज विभाग के एक सीनियर अफसर ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में खदान के लिए कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है और इस माह के अंत तक चयनित कंपनी को कंपोजिट लाइसेंस जारी किए जाने की संभावना है। पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार की एजेंसी एमएमटीसी के माध्यम से संचालित की जा रही है।

बताया गया कि महासमुंद जिले के करणखोल-राचपालपुर क्षेत्र में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने सोने के भंडार की पुष्टि की थी। करीब 150 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस खदान में 300 किलो से अधिक सोना मिलने का अनुमान लगाया गया है।

खनिज विभाग का दावा है कि पूरे सोनाखान क्षेत्र में लगभग 2700 किलो सोने का भंडार हो सकता है। इसी आधार पर चिन्हित इलाकों में खनन के लिए कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए जा रहे हैं। चयनित कंपनियों को कंपोजिट लाइसेंस दिए जाएंगे, जिसके तहत पूर्वेक्षण के बाद खनन कार्य भी किया जा सकेगा।

बताया गया कि जनवरी 2026 में पहली बार करणखोल खदान की नीलामी के लिए टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन पर्याप्त रुचि नहीं मिलने पर प्रक्रिया निरस्त कर दोबारा निविदा जारी की गई। अब दो बड़ी कंपनियों ने ऑफर दिए हैं। बेहतर बोली लगाने वाली कंपनी को खदान आवंटित की जाएगी। राज्य सरकार को इस नीलामी से 100 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है।

 

उल्लेखनीय है कि महासमुंद के सोनाखान-बागबहरा क्षेत्र में प्रदेश की पहली स्वर्ण खदान के पूर्वेक्षण का कार्य भी जारी है। इस परियोजना का टेंडर वेदांता लिमिटेड ने हासिल किया है और कंपनी ने सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया है। कुल मिलाकर अगले तीन साल में राज्य की खदानों से सोना निकलना शुरू हो जाएगा।

कबीरधाम में आयरन ओर और लाइम स्टोन खदानों की भी तैयारी..

इधर, कबीरधाम जिले के सोहागपुर क्षेत्र में लाइम स्टोन खदान और खारा क्षेत्र में आयरन ओर खदान की नीलामी प्रक्रिया भी जारी है। सूत्रों के अनुसार सोहागपुर की लाइम स्टोन खदान करीब 233.12 हेक्टेयर, जबकि खारा की आयरन ओर खदान लगभग 301 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। दोनों परियोजनाओं के लिए कई बड़ी कंपनियों ने रुचि दिखाई है। टेंडर प्रक्रिया जून के पहले सप्ताह तक पूरी होने की संभावना जताई जा रही है।


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