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क्रेडा के विज्ञापन पर लगी अंतरिम रोक, ऊर्जा सचिव को नोटिस
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 17 मई। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा जारी उस विज्ञापन पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके जरिए संविदा और अस्थायी कर्मचारियों की जगह नए अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अदालत ने ऊर्जा सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई जस्टिस बी.डी. गुरु की सिंगल बेंच में हुई। प्रभावित कर्मचारियों ने अधिवक्ता नरेंद्र मेहर के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका में कहा गया कि क्रेडा ने सर्विस प्रोवाइडर यूनिट के लिए संविदा भर्ती का नया विज्ञापन जारी किया, जबकि पहले से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं बढ़ाने के बजाय उन्हें हटाकर नई नियुक्तियों की तैयारी शुरू कर दी गई। इन कर्मचारियों की नियुक्ति वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए की गई थी और उनका अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ था।
इस मामले में रायपुर, राजनांदगांव, बेमेतरा, खैरागढ़-गंडई-छुईखदान और जशपुर जिलों के कुल 52 कर्मचारियों ने हाईकोर्ट की शरण ली है। इनमें कमलेश कुमार साहू, योगेश कुमार साहू, लीलाधर साहू, नरेंद्र कुमार साहू और गणेश कुमार साहू समेत अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने अदालत में दलील दी कि किसी संविदा या अस्थायी कर्मचारी को केवल इसलिए सेवा से नहीं हटाया जा सकता कि उसकी जगह दूसरे अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की जानी है। उन्होंने कहा कि ऐसे पदों पर हटाने की कार्रवाई तभी उचित मानी जा सकती है, जब वहां नियमित और स्थायी नियुक्ति की जाए।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले मनीष गुप्ता बनाम चेयरमैन, जनभागीदारी समिति का हवाला दिया। साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व निर्णय मंजू गुप्ता बनाम राज्य शासन और अंकिता नामदेव बनाम राज्य शासन का भी उल्लेख किया गया।
अदालत को यह भी बताया गया कि इससे पहले भी क्रेडा ने तकनीशियन पदों पर संविदा भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिस पर हाईकोर्ट रोक लगा चुकी है।
प्राथमिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने क्रेडा के सर्विस प्रोवाइडर पदों के विज्ञापन के संचालन पर रोक लगाते हुए ऊर्जा विभाग के सचिव, क्रेडा के अधीक्षण अभियंता, जोनल कार्यालय के कार्यपालन अभियंता तथा सहायक अभियंता को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी पक्षों से जवाब मांगा है।


