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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जांजगीर-चांपा, 16 मई। जांजगीर जिला अस्पताल में पदस्थ संविदा विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. लोकेन्द्र कश्यप की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने उन पर सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की योजनाओं और व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक एवं आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के आयुक्त एवं मिशन संचालक संजीव कुमार झा ने आदेश जारी किया है।
बताया गया है कि डॉ. कश्यप ने अपने निजी फेसबुक अकाउंट पर आयुष्मान भारत योजना को लेकर कई पोस्ट साझा किए थे। एक पोस्ट में उन्होंने योजना को व्यंग्यात्मक ढंग से आधा आप भरो, आधा सरकार भरे योजना बताया था। साथ ही आरोप लगाया था कि पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की व्यवस्था होने के बावजूद मरीजों से अतिरिक्त रकम वसूली जा रही है।
इसके अलावा उन्होंने जिला अस्पताल में दवाइयों की कमी, प्रसूति वार्ड की अव्यवस्थाओं तथा जांजगीर शहर की सिटी बस सेवा की खराब स्थिति को लेकर भी ट्रिपल इंजन सरकार पर तंज कसते हुए कई पोस्ट किए थे। विभाग ने इन पोस्टों को सरकारी सेवा आचरण नियमों के विपरीत माना।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जांजगीर-चांपा की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता श्रीवास्तव ने 5 मई को डॉ. कश्यप को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। राज्य कार्यालय की ओर से भी उनसे जवाब मांगा गया। 7 मई को प्रस्तुत जवाब को विभाग ने असंतोषजनक माना।
आदेश में कहा गया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए इस प्रकार की गतिविधियां छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1965 और मानव संसाधन नीति 2018 का उल्लंघन हैं, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हुई है। इसी आधार पर नीति की धारा 34.3 के तहत उनकी संविदा सेवा समाप्त कर दी गई है। आदेश के साथ एक माह का मानदेय भी स्वीकृत किया गया है। गौरतलब है कि डॉ. लोकेन्द्र कश्यप स्थानीय कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप के पुत्र हैं।


