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रायपुर में सबसे ज्यादा 4 स्पेशल कोर्ट, बिलासपुर में भी दो अदालतें करेंगी सुनवाई
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 16 मई। छत्तीसगढ़ सरकार ने बच्चों से जुड़े यौन अपराध और दुष्कर्म मामलों की सुनवाई को तेज करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से राज्यभर में संचालित विशेष अदालतों को दोबारा अधिसूचित किया गया है। इस संबंध में विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश में कुल 27 विशेष अदालतें संचालित होंगी। इन्हें वित्तीय व्यवस्था के आधार पर राज्य पोषित और केंद्र पोषित दो श्रेणियों में बांटा गया है। विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत ने इस संबंध में अलग-अलग निर्देश जारी किए हैं।
अधिसूचना के मुताबिक अब पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म से जुड़े मामलों की सुनवाई अलग-अलग अदालतों में होगी। राज्य पोषित 12 विशेष अदालतें केवल बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों यानी पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी। ये अदालतें बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बस्तर (जगदलपुर), धमतरी, कवर्धा, कोंडागांव, कोरबा, बेमेतरा, मुंगेली, सारंगढ़ (रायगढ़) और सरायपाली (महासमुंद) में स्थापित की गई हैं।
इसके अलावा केंद्र पोषित 15 विशेष अदालतों में से 11 अदालतें केवल बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी, जबकि 4 अदालतों में दुष्कर्म और बच्चों के यौन शोषण दोनों प्रकार के मामलों की सुनवाई की जाएगी।
राजधानी रायपुर में मामलों की संख्या अधिक होने के कारण यहां सबसे ज्यादा चार केंद्र पोषित विशेष अदालतें बनाई गई हैं। ये सभी अदालतें बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी। वहीं न्यायधानी बिलासपुर में भी दो विशेष अदालतों का संचालन किया जाएगा।
सरकार ने संबंधित मामलों को शीघ्र विशेष अदालतों में स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए हैं। हाईकोर्ट प्रशासन ने जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने कहा है।
कोरबा जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निर्देश दिया गया है कि जिले के दुष्कर्म मामलों को कटघोरा स्थित विशेष अदालत में भेजा जाए। वहीं रायगढ़ के जिला न्यायाधीश को रायगढ़ और घरघोड़ा स्थित विशेष अदालतों में संबंधित मामलों के स्थानांतरण के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और पीड़ित बच्चों को जल्द न्याय मिल सकेगा।


