ताजा खबर
कोलाहल अधिनियम में बदलाव नहीं होने पर हाईकोर्ट नाराज
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 16 मई। प्रदेश में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और डीजे के तेज शोर को लेकर हाईकोर्ट ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार की अब तक की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए विस्तृत जानकारी तलब की है। अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित की गई है।
पिछली सुनवाई के दौरान भी हाईकोर्ट ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार पिछले एक साल से ध्वनि नियंत्रण कानून में संशोधन की बात कर रही है, लेकिन अब तक इसका कोई प्रभाव जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है।
यह जनहित याचिका रायपुर की एक नागरिक समिति द्वारा दायर की गई है, जिसमें डीजे और अनियंत्रित साउंड सिस्टम से फैल रहे तेज शोर को सार्वजनिक स्वास्थ्य और शांति के लिए खतरा बताया गया है। इसके अलावा मीडिया में प्रकाशित खबरों को आधार बनाकर हाईकोर्ट ने स्वयं भी मामले का संज्ञान लिया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा कानून बेहद कमजोर हैं। वर्तमान व्यवस्था में पुलिस केवल 500 से 1000 रुपये तक का मामूली जुर्माना लगाकर औपचारिकता पूरी कर देती है, जिससे ध्वनि प्रदूषण पर कोई प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कोर्ट को बताया कि रायपुर में उनकी अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई है, जिसमें ध्वनि नियंत्रण कानून में आवश्यक संशोधनों को अंतिम रूप दिया जाएगा।


