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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 14 मई । नगर निगम में फाइलें गायब होने का सिलसिला जारी है। एक के बाद एक अलग-अलग विभागों की अहम फाइलें गायब हो रही हैं।
पिछले महीने जोन 10 से 100 एकड़ जमीन के ले आउट की फाइल पूर्व कमिश्नर से पहले ही गायब कर दी गई थी । इस मामले में कमिश्नर ने 4 अधिकारियों को निलंबित किया था।
ताज़ा मामला निगम मुख्यालय के ठीक सामने स्थित वीसी शुक्ल स्मृति गार्डन का है। इसे निगम गार्डन भी कहा जाता है। जहां फूड कोर्ट संचालन से जुड़ी फाइल लापता हो गई है। हैरानी की बात ये है कि दो माह बाद जुलाई में इस गार्डन का ठेका समाप्त होना है, लेकिन फाइल गायब होने से पूरा मामला संदिग्ध हो गया है। इसका ठेका पूर्व महापौर एजाज ढेबर के कार्यकाल में दिया गया था। इसमें गार्डन के भीतर फूड कोर्ट और अन्य दुकानें संचालन के साथ ठेका कंपनी गणपति इंटरप्राइजेज को गार्डन भी मेंटेनेंस करना था। लेकिन फर्म ने 13 दुकान से लाखों करोड़ों कमाए लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर गार्डन जर्जर होता गया। गार्डन के बेंच टूटे, बिजली के डिजाइनर पोल टूटे, गार्डन में घास और फूल पौधे सूख चूके हैं। पूरा गार्डन बंजर खेत में बदल गया है। कुछ ठीक है तो कमाई देने वाली दुकानें। अब जब ठेका अनुबंध समाप्ति की ओर है और निगम की सत्ता बदल चुकी है तो ठेका कंपनी के रसूखदार ने निगम कर्मी अधिकारी की मदद से फाइल ही गायब करवा दिया। ताकि मेंटेनेंस के नाम का कोई सबूत भी न रहे। फाइल गायब होने की पुष्टि एमआईसी सदस्य श्री साहू और निगम अधिकारी श्री भांमरा ने की है। उनका कहना है कि सभी विभागाध्यक्षों और एमआईसी अध्यक्षों पत्र भेजकर फाईल उनके पास होने पर उपलब्ध कराने कहा गया है।
दूसरी ओर यह भी बताया गया है कि इसी फर्म को लभांडी इलाके में वृक्षारोपण के लिए भी अनुबंध किया गया था। वहीं भी करोड़ों की अनियमितता बरती गई।


