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-गौरव गुलमोहर
उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश से ख़बर लिखे जाने तक 104 लोगों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है.
तेज आंधी और बारिश के कारण पूर्वांचल के अलग-अलग ज़िलों में दीवार गिरने, पेड़ उखड़ने और कच्चे मकान ढहने की घटनाएं सामने आई हैं.
प्रशासन के अनुसार सबसे ज़्यादा मौतें वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर मंडल में हुई हैं.
प्रयागराज और कानपुर मंडल के कुछ ज़िलों में बिजली के तार टूटने और खंभे गिरने के कारण कई घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रही. ग्रामीण इलाक़ों में फसलों को भी नुक़सान होने की ख़बर है.
मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणाली के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और तूफ़ानी हवाएं चलीं.
विभाग ने अगले 24 घंटों तक कुछ ज़िलों में ख़राब मौसम बने रहने की चेतावनी जारी की है.
उत्तर प्रदेश सरकार के आपदा विभाग के स्पेशल ड्यूटी अधिकारी मनोज कुमार ने बीबीसी हिंदी को बताया, "अभी तक आंधी से 104 लोगों की मौत की सूचना मिली है. जबकि 52 लोग घायल हुए हैं. लगभग 130 पशुओं की मौत हुई है और 98 घर गिरे हैं. प्रयागराज में 21, मिर्ज़ापुर में 19, फ़तेहपुर में 11 और कानपुर देहात में 2 मौत हुई है."
राज्य सरकार ने प्रभावित ज़िलों के अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं.
बिजली विभाग की टीमें टूटे तारों और खंभों को दुरुस्त करने में लगी हैं, जबकि कई ज़िलों में सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम जारी है.
मनोज कुमार ने बीबीसी हिंदी को बताया, "अभी तक सचेत ऐप के माध्यम से रेड और ऑरेंज अलर्ट के लगभग 34 करोड़ मैसेज भेजे गए हैं."
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि ख़राब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने और ज़रूरत पड़ने पर स्थानीय हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी है. (bbc.com/hindi)


