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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
सूरजपुर, 2 मई। सूरजपुर जिले के जयनगर हाई स्कूल में पदस्थ महिला व्याख्याता साइबर ठगों के झांसे में आकर 48 लाख रु से अधिक रकम गंवा बैठी। मोटी रकम हाथ से निकल जाने के बाद व्याख्याता को ठगी का अहसास हुआ जिसके बाद उन्होंने बिश्रामपुर थाना पहुंच मामले में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
पूरी वारदात अप्रैल की बताई गई है। ठगों ने पहले व्याख्याता को विश्वास में लिया और ट्रेडिंग में पैसा डबल होने का झांसा देकर उनसे अलग-अलग किश्तों में अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराए। इस दौरान व्याख्याता लगातार ठगों के वाट्सअप मैसेज में प्राप्त संदेश और निर्देशों का पालन करती गई। इस प्रकार ठगो ने उनसे 48 लाख से अधिक रु अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिया। जब व्याख्याता निवेश किए गए रु के मुनाफे की रकम वापसी के लिए प्रयास किया, तब भी ठगो ने सर्विस चार्ज और इनकम टैक्स के नाम से पैसे ठग लिए।
व्याख्याता ने पुलिस में दर्ज कराए रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने उक्त रकम अपने पति अमरेंद्र नारायण जो एसईसीएल बिश्रामपुर महाप्रबंधक कार्यालय में स्टॉफ ऑफिसर पी एंड पी हैं, उनसे तथा अपने अन्य रिश्तेदारों और परिचितों से मांग कर रकम को निवेश में लगाया था।
बिश्रामपुर पुलिस ने शनिवार दो मई को व्याख्याता राजे श्री नारायण की रिपोर्ट पर अज्ञात साइबर ठगो के खिलाफ धारा 318(4),62(2) आई टी एक्ट की धारा 66(डी) का अपराध दर्ज किया है।
बता दें कि साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर जनजागरूकता के लिए प्रयास करने के बाबजूद पढ़ें लिखे लोग अधिक मुनाफे की चक्कर में साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। बिश्रामपुर क्षेत्र में पहली बार इतनी बड़ी रकम की ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस भी हैरान है।
पुलिस ने साइबर पोर्टल में मामले को दर्ज करा अंतरित राशि को होल्ड कराने के प्रयास में जुटी है। इधर, इतनी बड़ी ठगी को लेकर पीडि़त पक्ष सदमे में बताया गया है।
पूरे घटनाक्रम में पिछले बीस बाईस दिनों से साइबर ठगो ने व्याख्याता को वाट्सअप संदेश के जरिए अपने गिरफ्त में ले पहले भरोसा जीता और फिर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।


