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ऑनलाइन सट्टे की लत ने बनाया शातिर अपराधी, 46 लाख का माल बरामद
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 1 मई। शहर में लगातार हो रही सूने मकानों की चोरियों का बिलासपुर पुलिस पर्दाफाश करते हुए एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी सूरज काछी को गिरफ्तार किया गया है, जो मूलतः गौरेला का रहने वाला है और पिछले कुछ महीनों से बिलासपुर में किराए के मकान में रह रहा था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले एसी रिपेयरिंग का काम करता था, लेकिन काम बंद होने और ऑनलाइन सट्टे की लत के चलते वह अपराध की राह पर चल पड़ा। पूछताछ में सामने आया कि उसने परी मैच ऐप पर करीब 30 लाख रुपये गंवा दिए थे, जिसके बाद उसने चोरी को कमाई का जरिया बना लिया।
आरोपी का तरीका बेहद सुनियोजित था। वह दिन में कॉलोनियों में एसी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन सुधारने के बहाने घूमकर सूने मकानों की पहचान करता था। कई दिनों तक निगरानी करने के बाद रात में वारदात को अंजाम देता था। वह अलग-अलग बाइक का इस्तेमाल करता, चेहरा ढंककर चलता और वारदात के बाद कपड़े बदलकर पुलिस को भ्रमित करता था।
डीआईजी और एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर एसीसीयू और सिविल लाइन थाना की संयुक्त टीम ने शहरभर के 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान कर 27 अप्रैल 2026 को उसे गिरफ्तार किया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी चोरी के जेवरों को गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रख देता था और रकम अपने बैंक खाते में जमा करता था। बाद में रकम निकालकर ऑनलाइन सट्टे में गंवा देता था। चोरी के पैसों से उसने घरेलू सामान और मोबाइल फोन भी खरीदे थे।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 45.84 लाख रुपये का सामान बरामद किया है, जिसमें 252 ग्राम सोना, करीब 2 किलो चांदी, स्कूटी, बाइक, मोबाइल फोन और घरेलू सामान शामिल हैं।
आरोपी ने कुदुदंड, यमुना नगर, नंद विहार, गीतांजलि पार्क, इंद्रसेन कॉलोनी, गुलमोहर पार्क, 27 खोली और नेहरू नगर जैसे क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस ने इन सभी मामलों को सुलझा लिया है।
इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने सिविल लाइन थाना और एसीसीयू की टीम को प्रशंसा और पुरस्कार देने की घोषणा की है।


