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गांव में लगाया कैंप, सीसीटीवी खंगालने के बावजूद आरोपियों का सुराग नहीं
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जांजगीर, 26 अप्रैल। जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव में 19 वर्षीय युवक आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या और उसके छोटे भाई को घायल करने के मामले में तीसरे दिन भी पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है। वारदात के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से स्थिति सामान्य करने में मदद मिल रही है।
घटना के बाद गांव में विशेष पुलिस कैंप स्थापित किया गया है। एक एएसआई, दो प्रधान आरक्षक और चार आरक्षकों की टीम को खुफिया जानकारी जुटाने के लिए तैनात किया गया है। इधर, आदेश के 36 घंटे बाद भी कैंप प्रभारी के मौके पर नहीं पहुंचने से जांच की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी फिलहाल दूसरे राज्य में हैं।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार अलग-अलग टीमें गठित की हैं। गांव के अंदर और बाहर आने-जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके बावजूद अब तक आरोपियों का कोई ठिकाना सामने नहीं आया है।
एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि जांच जारी है। सूचना जुटाने के साथ CCTV फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस टीम करही, बिर्रा, हसौद और आसपास के इलाकों में लगे कैमरों की जांच कर रही है। पिछले दो दिनों में संभावित भागने के रास्तों से जुड़े सैकड़ों फुटेज खंगाले जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे रेत कारोबार से जुड़ी प्रतिस्पर्धा और पुरानी रंजिश अहम कारण हो सकती है। करही गांव महानदी किनारे स्थित है, जहां रेत की भारी मांग है और लंबे समय से यहां अवैध उत्खनन भी जारी है।
मृतक आयुष कश्यप अपने पिता सम्मेलाल कश्यप के अस्वस्थ रहने के कारण पिछले कुछ समय से रेत कारोबार संभाल रहा था। हाल ही में परिवार ने हाइवा ट्रक और जेसीबी मशीन खरीदी थी, जिसके बाद कारोबार में सक्रियता बढ़ी थी। इसी बीच कुछ लोगों द्वारा आयुष के बारे में पूछताछ किए जाने की बात भी सामने आई है।
मालूम हो कि 23-24 अप्रैल की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे तीन नकाबपोश युवक देसी कट्टों के साथ घर में घुसे। उन्होंने पहले माता-पिता के कमरे को बाहर से बंद किया, फिर दूसरे कमरे में सो रहे आयुष कश्यप को सिर और सीने में गोली मार दी। इस दौरान छोटे भाई आशुतोष को हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गया। वारदात के समय तीनों भाई-बहन एक ही कमरे में मौजूद थे।
पुलिस का कहना है कि संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले में रेत कारोबार से जुड़ी रंजिश को ही मुख्य कारण मानकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।


