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छत्तीसगढ़ को मिलेंगे 3,354.85 करोड़, 1 जुलाई से लागू होगी 'वीबी जीरामजी'
09-Jun-2026 8:37 PM
छत्तीसगढ़ को मिलेंगे 3,354.85 करोड़, 1 जुलाई से लागू होगी 'वीबी जीरामजी'

केंद्रीय मंत्री चौहान ने ली राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों की बैठक

छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों को मिलेगा सीधा लाभ; "एक दिन भी कोई मजदूर बिना काम के न रहे" के साथ सुनिश्चित होगी श्रमिक सुरक्षा

दिल्ली/रायपुर, 9 जून। केंद्रीय ग्रामीण विकास व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन को एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार द्वारा देश भर में 1 जुलाई से लागू की जा रही नई ऐतिहासिक व्यवस्था "विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन" (वीबी जी राम जी) के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 3,354.85 करोड़ रुपये के अंतरिम आवंटन की घोषणा की गई है। 
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने बैठक में कहा कि यह केवल एक योजना का परिवर्तन नहीं है, बल्कि करोड़ों मजदूरों के जीवन और आजीविका से जुड़ा विषय है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “एक दिन भी कोई मजदूर बिना काम के न रहे” और रोजगार, मजदूरी भुगतान तथा वैधानिक अधिकारों की गारंटी में किसी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने पहले ही मनरेगा के तहत 30 हजार करोड़ रु. आवंटित कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त आज 95,692 करोड़ रु. का इंटरिम अलोकेशन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी किया गया। इस प्रकार कुल राशि 1.25 लाख करोड़ रु. से अधिक हो जाएगी।

श्री चौहान ने कहा कि यह राशि देश की लगभग 2.80 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी जिससे प्रत्येक पंचायत को लाखों रुपये का फंड उपलब्ध होगा। 
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केवल धन उपलब्ध नहीं करा रही है, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहती है कि समय पर मजदूरी भुगतान हो, श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित रहें और विकास कार्यों में कोई व्यवधान न आए। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे पर्याप्त मात्रा में कार्यों को पूर्व स्वीकृति दें ताकि 1 जुलाई से ही काम तेजी से शुरू हो सके।

डिजिटल और प्रशासनिक तैयारियों पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने कहा कि DBT, SMS आधारित सूचना प्रणाली, e-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी प्रक्रियाओं में कई राज्यों ने उल्लेखनीय प्रगति की है जो नई व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन का संकेत है।

उन्होंने बताया कि 26 राज्यों ने “विकसित भारत-ग्रामीण भारत” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अपने बजट में वित्तीय प्रावधान कर लिए हैं जबकि झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और मिजोरम को जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने स्वयं इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखने की बात भी कही।

राज्यों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि वे शीघ्र राज्य स्तरीय अधिसूचना जारी करें। मिजोरम, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने की सराहना करते हुए उन्होंने अन्य राज्यों से भी तेजी से कार्रवाई करने को कहा। साथ ही कृषि के पीक सीजन को अधिसूचित करने, 100 प्रतिशत e-KYC सुनिश्चित करने और जिला व ब्लॉक स्तर पर क्षमता निर्माण तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के माध्यम से ही कार्यों का चयन किया जाएगा और इन्हीं प्रस्तावों के आधार पर कार्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि 1 जुलाई तक मनरेगा के तहत रोजगार और मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की कमी या व्यवधान न आए।

बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों के लिए इंटरिम अलोकेशन की घोषणा केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह द्वारा की गई। 

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के इस कुल प्रावधान के अलावा केंद्रीय प्रशासन और सोशल ऑडिट के लिए 1,850.62 करोड़ रु. रखे गए हैं जिससे इंटरिम अलोकेशन की कुल राशि 95,692.31 करोड़ रु. पर पहुंचती है। इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
उन्होंने सभी राज्यों को 28 और 29 जून को दिल्ली के पूसा संस्थान में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया जहां इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।


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