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राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर बड़ी उपलब्धि, 50 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का घर
25-Apr-2026 12:02 PM
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर बड़ी उपलब्धि, 50 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का घर

रानी मिस्त्री व डीलर दीदियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 25 अप्रैल।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिले में कुल 50,044 जरूरतमंद परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराए गए हैं। यह सफलता प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम जनमन योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है, जिसने हजारों परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई राह दी है।

जिला प्रशासन ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयसीमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। कुल 781.13 करोड़ रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा की गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और निर्माण कार्य में तेजी आई।

आंकड़ों पर नजर डालें तो मस्तूरी विकासखंड 14,973 पूर्ण आवासों के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद बिल्हा में 13,762, कोटा में 11,205 और तखतपुर में 10,104 आवास पूरे किए गए।  

इस अभियान की सफलता में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। जिले में 113 महिलाओं को रानी मिस्त्री के रूप में प्रशिक्षित कर निर्माण कार्य में लगाया गया, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ी। वहीं 331 महिलाओं को डीलर दीदी बनाकर निर्माण सामग्री की आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा 2,231 महिलाओं को शटरिंग सामग्री किराए पर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे उनके लिए आय के नए अवसर भी सृजित हुए।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक जिले में कुल 1,03,873 आवास पूरे किए गए हैं, जिसके चलते बिलासपुर ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि मजबूत कार्ययोजना, सतत निगरानी और जनभागीदारी का परिणाम है।

इस योजना का मानवीय पहलू भी बेहद प्रेरणादायक है। दरसागर गांव की झंगली बैगा और नेवसा गांव की कैलाशा बाई जैसी महिलाओं, जो वर्षों से कच्चे घरों में कठिन जीवन बिता रही थीं, अब पक्के मकानों में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। उनके लिए यह घर सिर्फ चार दीवारें नहीं, बल्कि सुरक्षा और आत्मसम्मान का प्रतीक है।

कलेक्टर संजय कुमार अग्रवाल ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि ये मकान केवल ईंट-पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा की मजबूत नींव हैं। वहीं जिला पंचायत सीईओ संदीप कुमार अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में भी पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ पहुंचाया जाएगा।


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