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ईरान में एक शख़्स को 'इसराइल के लिए जासूसी' के आरोप में फांसी दी गई.
ईरान की न्यायपालिका के मुताबिक़, 'मेहदी फ़रीद नाम के शख़्स ने देश की संवेदनशील जानकारी इसराइली एजेंसी मोसाद को दी थी.'
ईरानी अदालत के अनुसार, "मेहदी फ़रीद पैसिव डिफ़ेंस कमेटी के मैनेजमेंट विभाग में काम करते थे, जो देश का एक अहम संगठन है. उन्होंने इंटरनेट के ज़रिए इसराइल से संपर्क किया और उनके पद की वजह से मोसाद के एक अधिकारी ने उन्हें चुना."
दूसरी ओर, मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद फाँसी की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है.
उनका कहना है कि मुक़दमे की प्रक्रिया और ऐसी सज़ा देना मानवाधिकारों का उल्लंघन है.
बीबीसी फ़ारसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, युद्ध शुरू होने के बाद हुई फ़ांसी सिर्फ़ जासूसी के अभियुक्तों तक सीमित नहीं हैं. कुछ लोगों को जनवरी के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े होने के मामले में भी फांसी दी गई. (bbc.com/hindi)


