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दिल्ली से आई टीम ने जुटाए साक्ष्य, डेटा रिकॉर्डर जब्त
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जांजगीर-चांपा, 22 अप्रैल। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट की जांच के लिए मंगलवार को दिल्ली से पहुंची केंद्रीय टीम ने घटनास्थल से धातु, कोयला और राख के नमूने एकत्र किए, जिन्हें विस्तृत जांच के लिए सरकारी लैब भेजा जाएगा। इस हादसे में अब तक 24 परिवारों के लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 12 श्रमिक रायगढ़ में गंभीर हालत में भर्ती हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट से करीब दो घंटे पहले प्लांट के पीएफ (पल्वराइज्ड फ्यूल) फैन में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके चलते बॉयलर का लोड कम किया गया, लेकिन फैन ठीक होने के बाद जल्दबाजी में लोड को तेजी से बढ़ा दिया गया। सूत्रों के अनुसार, इसी अतिरिक्त दबाव ने सुरक्षा प्रणाली को निष्क्रिय कर दिया, जिससे अचानक जोरदार विस्फोट हुआ और मौके पर काम कर रहे श्रमिकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
जांच टीम ने प्लांट के डेटा रिकॉर्डर को अपने कब्जे में ले लिया है। इस उपकरण में सेकंड-दर-सेकंड हर गतिविधि दर्ज होती है। किसने कौन सा बटन दबाया, कौन-सी अलार्म प्रणाली सक्रिय थी और किन्हें बंद किया गया। अब इन्हीं आंकड़ों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि हादसा तकनीकी चूक था या मानवीय लापरवाही।
इधर, सरकारी निर्देश पर बिलासपुर कमिश्नर आज बुधवार को प्लांट के दौरे पर हैं। वे हादसे के कारणों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।


