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-दिलीप कुमा शर्मा
असम के नगांव स्थित ज़िला एवं सत्र न्यायालय ने क़रीब 8 साल पहले हुए दो युवकों की पीट-पीटकर हत्या करने के एक मामले में 20 लोगों को दोषी ठहराया है.
जज डी महंता की अदालत ने सोमवार के अपने फ़ैसले में 20 लोगों को हत्या, गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने, दंगा और अन्य अपराधों का दोषी ठहराया है.
कोर्ट ने इस मामले में 25 अन्य लोगों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष उनके ख़िलाफ़ मामला साबित करने में विफल रहा.
भीड़ के हाथों हत्या की यह घटना 8 जून 2018 की है. गुवाहाटी के रहने वाले 30 साल के अभिजीत नाथ अपने दोस्त निलोत्पल दास (29 साल) के साथ कार्बी आंगलोंग घूमने गए थे.
इस दौरान वहां के स्थानीय लोगों ने "बच्चा चोरी" के शक में इन दोनों युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी. जिस इलाक़े में यह घटना हुई थी वह आदिवासी बहुल इलाक़ा है, लिहाज़ा इस मामले में एक ही गांव के लोग शामिल थे.
असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उस समय घटना की वजह के बारे में बीबीसी से कहा था कि उस समय वहां 'सोपा धोरा' अर्थात चाइल्ड लिफ्टर्स की बात को लेकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर काफ़ी अफ़वाहें फैलाई जा रही थीं.
भीड़ के हाथों मारपीट की घटना के वीडियो क्लीप सोशल मीडिया पर आने के बाद पूरे राज्य में लोगों ने अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर किया था.
लोगों ने दोनों युवकों के लिए इंसाफ़ की मांग करते हुए पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया था.
लोगों की नाराज़गी को देखते हुए इस घटना के संबंध में मामला दर्ज होने के बाद, उसी साल सितंबर में 48 लोगों के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल किया गया था.
इनमें से तीन नाबालिग पाए गए, इसलिए यह मामला बाक़ी 45 लोगों के ख़िलाफ़ चलाया गया. (bbc.com/hindi)


