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पेयजल समस्या, अवैध प्लाटिंग-निर्माण पर डिप्टी सीएम सख्त
20-Apr-2026 9:48 PM
पेयजल समस्या, अवैध प्लाटिंग-निर्माण पर डिप्टी सीएम सख्त

  धमतरी ईई निलंबित,31 मई के पहले ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने हिदायत  

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 20 अप्रैल। डिप्टी सीएम नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री अरुण साव ने शहरों में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अगले एक वर्ष के भीतर ठोस कार्ययोजना बनाकर प्रभावी ढंग से अमल किया जाए।

रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल बजट खर्च करने के उद्देश्य से काम न किया जाए, बल्कि आम जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। पेयजल आपूर्ति से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों पर उन्होंने असंतोष जताते हुए कहा कि इसमें लापरवाही पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

धमतरी जिले में पेयजल योजना के कार्य में हो रही देरी पर उप मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और संबंधित कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने तथा ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरे हों और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न किया जाए।

बरसात के मद्देनजर उन्होंने सभी नगर निगमों को 31 मई तक बड़े नालों, नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई का कार्य हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जलभराव की समस्या से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम द्वारा इन कार्यों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा और यदि कहीं काम संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी और अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए और निकायों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नगर निगम ऐसा काम करें जिससे नगरपालिकाएं प्रेरणा लें और नगरपालिकाएं ऐसा कार्य करें जिससे नगर पंचायतों के लिए उदाहरण प्रस्तुत हो।

उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की समीक्षा करते हुए अपूर्ण आवासों को सितंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जो आवास अभी शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें एक माह के भीतर प्रारंभ करने और मार्च 2026 में स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण वर्षा ऋतु से पहले शुरू करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि योजना के तहत 18 माह में निर्माण पूरा करने वाले हितग्राहियों के प्रस्ताव तत्काल विभाग को भेजे जाएं, ताकि उन्हें मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके।

बैठक में पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण उपलब्ध कराने के लिए बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही शहरों में भूजल स्तर को सुधारने के लिए डीएमएफ, सीएसआर और जनसहयोग से रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों और नई कार्यपद्धति को अपनाया जाए।

समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन वितरण, अधोसंरचना विकास, 15वें वित्त आयोग के कार्य, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाएं, आपदा प्रबंधन और अन्य योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री 21 अप्रैल को नगर पंचायतों के कार्यों की भी समीक्षा करेंगे।


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