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सिकल सेल डायग्नोस्टिक किट राष्ट्रीय मंच पर 23 को प्रदर्शित होगी
18-Apr-2026 5:38 PM
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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 18 अप्रैल । मेकाहारा स्थित मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित सिकल सेल डायग्नोस्टिक किट को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। इस नवाचार को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित “इनोवेटर्स टू इंडस्ट्री कनेक्ट” समिट में प्रदर्शित करने के लिए चयनित किया गया है। यह समिट 23 अप्रैल को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होगा, जहां देशभर के प्रमुख बायोमेडिकल इनोवेटर्स और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इस सिकल सेल डायग्नोस्टिक किट की खोज एमआरयू के वैज्ञानिक डॉ. जगन्नाथ पाल, डॉ. योगिता राजपूत एवं उनकी टीम द्वारा किया गया है। इस किट के अनुसंधान में एमआरयू की नोडल ऑफिसर डॉ. मंजुला बेक का विशेष सहयोग रहा है। यह किट विशेष रूप से नवजात शिशुओं में सिकल सेल एनीमिया के शीघ्र निदान तथा एंटीनेटल (गर्भावस्था के दौरान) जांच को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।
आईसीएमआर के “मेडिकल इनोवेशन पेटेंट मित्र” कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर से चयनित शीर्ष 10 तकनीकों में इस किट को स्थान मिला है।
इस नवाचार के लिए 6 फरवरी को इंडियन पेटेंट के लिए आवेदन भी पहले ही किया जा चुका है।
एमआरयू, रायपुर की टीम को इस किट के प्रदर्शन के लिए आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। उन्हें इवेंट में भाग लेने हेतु पंजीयन, तकनीक का एक पेज का फ्लायर तथा “मेक इन इंडिया” से संबंधित अंडरटेकिंग निर्धारित समयसीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, प्रतिभागियों को अपनी विकसित किट के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।
इस पर डीन डॉ. विवेक चौधरी, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि यह नवाचार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाला है।
और इससे सिकल सेल जैसी बीमारियों के समय पर निदान में बड़ी मदद मिलेगी।
यह सफलता न केवल छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है, बल्कि देश में बायोमेडिकल इनोवेशन को नई दिशा देने वाली पहल के रूप में भी देखी जा रही है।
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