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यूसीसी पर राजनीति, विरोध में कांग्रेस
15-Apr-2026 6:29 PM
यूसीसी पर राजनीति, विरोध में कांग्रेस

आदिवासी अधिकारों पर डाका डालने की कोशिश – बैज

'छत्तीसगढ़' संवाददाता 

रायपुर, 15 अप्रैल। प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लेकर राजनीति तेज हो गई है।प्रदेश कांग्रेस ने सरकार के फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि यूसीसी लागू करने की पहल आदिवासियों के हितों और अधिकारों पर डाका डालने की कोशिश है।

बैज ने एक बयान में कहा कि राज्य में आदिवासी समुदाय को विशेष संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है और यूसीसी लागू होने पर सबसे अधिक नुकसान इन्हीं को होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत से अधिक आबादी आदिवासियों की है, जिन्हें संविधान के तहत विशेष अधिकार मिले हैं। उनकी सुरक्षा के लिए पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची लागू है, लेकिन यूसीसी के जरिए इन अधिकारों में हस्तक्षेप की आशंका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद खत्म होने की घोषणा के बाद उद्योगपतियों की नजर आदिवासी जमीनों पर है और यूसीसी उसी दिशा में एक कदम है। बैज के अनुसार, आदिवासियों की जमीनों पर बाहरी हस्तक्षेप रोकने वाले मौजूदा कानूनों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

बैज ने राज्य सरकार से कई सवाल भी पूछे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या यूसीसी लागू होने के बाद पेसा कानून यथावत रहेगा, क्या पांचवीं अनुसूची के तहत पंचायतों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे, और क्या संरक्षित जनजातियों बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, अबुझमाड़िया, भुंजिया और पांडा के संवैधानिक अधिकारों में कोई बदलाव नहीं होगा।

बैज ने कहा कि आदिवासियों को मिले संवैधानिक संरक्षण में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सरकार को इस पर स्पष्ट स्थिति बतानी होगी।


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