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उत्कर्ष 2026 में एचआर की नई दिशा के साथ खनन क्षेत्र को मिला भविष्य का रोडमैप
12-Apr-2026 1:09 PM
उत्कर्ष 2026 में एचआर की नई दिशा के साथ खनन क्षेत्र को मिला भविष्य का रोडमैप

एसईसीएल बिलासपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का समापन, पुलेला गोपीचंद से मिला प्रेरणादायक मंत्र

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 12 अप्रैल। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, एसईसीएल द्वारा आयोजित कोल इंडिया लिमिटेड का तृतीय एचआर, आईआर कॉन्क्लेव उत्कर्ष 2026,  दो दिवसीय गहन मंथन के बाद सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। 10–11 अप्रैल को आयोजित इस राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में खनन क्षेत्र के मानव संसाधन और औद्योगिक संबंध को भविष्य के अनुरूप ढालने की दिशा में रणनीतियों पर ठोस चर्चा हुई।

कॉन्क्लेव का थीम था- मन को संवारें, सोच को सशक्त करें – नवोन्मेष करें, उत्कृष्टता पाएं, आगे बढ़ें। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक एचआर अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विचारकों ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। कॉन्क्लेव का मुख्य फोकस बदलते कार्य परिवेश में एचआर की भूमिका को मजबूत करना और खनन क्षेत्र के लिए भविष्य के लिए रोडमैप तैयार करना रहा।

समापन सत्र का आकर्षण भारत के मुख्य राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच  पुलेला गोपीचंद का प्रेरक संबोधन रहा। फायरसाइड चैट के दौरान उन्होंने खेल और संगठनात्मक उत्कृष्टता के बीच समानता बताते हुए कहा कि सफलता पाने के लिए अनुशासन, धैर्य और निरंतर प्रयास सबसे जरूरी तत्व हैं। उनका यह संदेश प्रतिभागियों के लिए विशेष प्रेरणा बना कि सफलता तब मिलती है जब आप उसके योग्य बन जाते हैं।

कॉन्क्लेव के दूसरे दिन बदलाव को अपनाना, मेरा से मन तक रूपांतरण, भविष्य का एचआर परिदृश्य और रणनीतिक कार्यबल नियोजन जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि एचआर अब केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि संगठनात्मक परिवर्तन का रणनीतिक केंद्र बन चुका है।

इससे पहले, कॉन्क्लेव का उद्घाटन कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम ने वर्चुअल माध्यम से किया। उन्होंने सुधार, प्रदर्शन, परिवर्तन के विजन को आगे बढ़ाने में एचआर की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया। एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने अपने संबोधन में जन-केंद्रित संस्कृति और कर्मचारियों के सतत विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।

कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने संगठन में पारदर्शिता और सामूहिक पहचान को मजबूत करने की आवश्यकता बताई, जबकि निदेशक (कार्मिक) डॉ. विनय रंजन ने एचआर को उत्पादकता, नवाचार और परिवर्तन का प्रमुख चालक बताया।

कॉन्क्लेव के दौरान कोल इंडिया और एसईसीएल की एचआर पहलों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें विभिन्न कंपनियों की नवाचारपूर्ण और कर्मचारी-केंद्रित पहलें आकर्षण का केंद्र रहीं।

उत्कर्ष 2026 की खास उपलब्धि विभिन्न सहायक कंपनियों द्वारा प्रस्तुत अवधारणा पत्र और एचआर इनोवेशन का साझा मंच रहा, जिससे आपसी सीख और श्रेष्ठ प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि एचआर प्रणालियों को और अधिक मजबूत किया जाएगा, विश्वास और प्रदर्शन आधारित कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा और कोल इंडिया के सतत एवं कुशल खनन लक्ष्यों के अनुरूप रणनीतियां विकसित की जाएंगी।


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