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सिम्पलेक्स कास्टिंग्स में 65.68 लाख का गबन, ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज
10-Apr-2026 8:35 PM
 सिम्पलेक्स कास्टिंग्स में 65.68 लाख का गबन, ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज

​भिलाई नगर, 10 अप्रैल। भिलाई स्थित सिम्पलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड में वित्तीय धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। कंपनी के एक लेबर सप्लाई ठेकेदार पर मजदूरों के वेतन, पीएफ और सरकारी टैक्स के 65.68 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा है। कंपनी की शिकायत पर जामुल थाना पुलिस ने आरोपी ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

​क्या है पूरा मामला?

मिली ​जानकारी के अनुसार सिम्पलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड ने 12 दिसंबर 2023 को मोहम्मद अकरम खान के साथ फाउंड्री विभाग में लेबर सप्लाई का अनुबंध किया था। इस समझौते के तहत ठेकेदार की जिम्मेदारी थी कि वह कंपनी से मिलने वाली राशि से मजदूरों का वेतन चुकाए और उनके भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा और जीएसटी का भुगतान सरकारी खातों में जमा करे।

आरोप है कि कंपनी तो ठेकेदार को समय पर पूरी राशि का भुगतान कर रही थी लेकिन ठेकेदार ने इस पैसे को संबंधित विभागों में जमा करने के बजाय अपने पास रख लिया।

​जीएसटी विभाग के नोटिस से हुआ खुलासा

इस भारी गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब अक्टूबर माह में जीएसटी विभाग ने कंपनी को सूचित किया कि ठेकेदार ने कई महीनों से टैक्स का भुगतान नहीं किया है। इसके बाद कंपनी मैनेजमेंट ने आंतरिक जांच शुरू की, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।


ठेकेदार ने न केवल जीएसटी बल्कि मजदूरों के प्रोविडेंट फंड और ईएसआईसी के रूपये भी जमा नहीं किए थे। कुल 65 लाख 68 हजार 532 रुपये का गबन पाया गया है।

​मजदूरों पर सीधा असर और बढ़ता आक्रोश

​इस धोखाधड़ी का सबसे बुरा प्रभाव वहां काम करने वाले मजदूरों पर पड़ा है। खातों में राशि जमा न होने से उनका भविष्य निधि फंड रुक गया है। ईएसआईसी का भुगतान न होने के कारण मजदूर और उनके परिवार स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। ​इस स्थिति के कारण कार्यस्थल पर मजदूरों में भारी असंतोष है, जिससे कंपनी के उत्पादन और आंतरिक प्रबंधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

​पुलिस की कार्रवाई

​कंपनी के डीजीएम मनीष कुमार सिंह की शिकायत पर जामुल थाना पुलिस ने आरोपी मोहम्मद अकरम खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन, अनुबंध की शर्तों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। कंपनी मैनेजमेंट ने पुलिस से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि मजदूरों के अधिकार सुरक्षित रह सकें और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।


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