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13 को पूरे प्रदेश में विरोध करेगी आप पार्टी
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 8 अप्रैल । आम आदमी पार्टी ने आगामी जनगणना में ओबीसी गणना के लिए अलग कॉलम देने की मांग की।
प्रदेश कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आगामी डिजिटल जनगणना सत्यापन के लिए निर्धारित 33 बिंदुओं में अन्य ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कॉलम नहीं होने पर ओबीसी वर्ग की उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा है कि सरकार ओबीसी वर्ग के लिए दोहरा मापदंड अपना रही है।मंडल आयोग (1980) के अनुसार देश में ओबीसी की आबादी 52% बताई गयी थी और सर्वेक्षण (ICE 360, 2021) के अनुसार भारत की अनुमानित 141 करोड़ की आबादी में, लगभग 44%-48% आबादी यानि की 62-68 करोड़ लोग ओबीसी समूह से आतें हैं। देश की आधी आबादी की अनदेखी समझ से परे है? पिछड़े समाज के विकास की बात करने वाली केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की साय सरकार आज इस मामले में असहाय क्यों नज़र आ रही है, क्या पिछड़ों को सिर्फ वोट बैंक बनाकर रखना चाहती है सरकार? अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए स्पष्ट कॉलम दिया गया है, लेकिन ओबीसी वर्ग की गणना के लिए कोई प्रावधान नहीं रखा गया है।
प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र चंद्राकर ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार जातिगत जनगणना कराने की घोषणा करती है, तो दूसरी ओर राजपत्र से ओबीसी का कॉलम नहीं रखना
समाज के साथ अन्याय है।
प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ, प्रदेश अध्यक्ष (ट्रांसपोर्ट विंग) पलविंदर सिंग पन्नू और महासमुंद जिला संगठन मंत्री शकील खान ने संयुक्त रूप से कहा कि इस मामले में आगामी 13 अप्रैल को पार्टी प्रदेश के हर जिले के कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगी।


