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राज्य सरकार और एनएचएआई को प्रोग्रेस रिपोर्ट देने का आदेश, 5 मई को अगली सुनवाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 22 मार्च। छत्तीसगढ़ की खराब सड़कों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार और एनएचएआई ने कुछ अच्छे कदम जरूर उठाए हैं, लेकिन काम समय पर पूरा हो, इसके लिए लगातार निगरानी जरूरी है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि कई सड़क प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं या चल रहे हैं। लेकिन अगर निगरानी नहीं हुई तो काम लटक सकता है। इसलिए सरकार और एनएचएआई दोनों को अगली सुनवाई से पहले स्टेटस रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने कोर्ट में दिए हलफनामे में बताया कि बिलासपुर में कई बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक तक सड़क के लिए 4079 लाख रुपए का बजट तय है। इसकी प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। सीपत से बलौदा रोड का टेंडर पूरा हो गया है। तारबाहर से शिव टॉकीज चौक तक का काम खत्म हो चुका है। मंगला चौक से दीनदयाल उपाध्याय नगर तक चौड़ीकरण जारी है। श्रीकांत वर्मा चौक से सीएमडी कॉलेज चौक तक सड़क के लिए 3 फरवरी 2026 को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा मोपका-सेंदरी बायपास को मंजूरी दी गई है, जिसका जल्द टेंडर जारी होगा। जशपुर-अंबिकापुर सेक्शन सहित कई नेशनल हाईवे पर एनएचएआई काम करेगा। साथ ही नारायणपुर-भाटापारा रोड का वर्क ऑर्डर 9 मार्च 2026 को जारी किया जा चुका है।
एनएचएआई ने कोर्ट को बताया कि कोरबा-कटघोरा (एनएच-130) का 2 किमी हिस्सा जमीन विवाद के कारण रुका था, जो अब सुलझ गया है। 20.13 करोड़ की लागत से नया टेंडर देकर जनवरी 2026 से काम फिर शुरू कर दिया गया है।
वहीं कटघोरा-गोपालपुर (एनएच-149 बी) में 8.55 किमी सड़क सुधार और मजबूती का काम 22.48 करोड़ की लागत से तेजी से चल रहा है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के पीडब्ल्यू सचिव और एनएचएआई को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई में हर प्रोजेक्ट की स्थिति, तय समय-सीमा और पूरा होने की तारीख स्पष्ट बताई जाए। कोर्ट ने कहा कि 5 मई की सुनवाई से पहले सभी कामों की प्रगति पर नजर रखी जाएगी।


