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बिलासपुर एयरपोर्ट को बजट में नहीं मिली उड़ान, 4सी दर्जा देने पर सन्नाटा, संघर्ष समिति नाराज़
25-Feb-2026 11:40 AM
बिलासपुर एयरपोर्ट को बजट में नहीं मिली उड़ान, 4सी दर्जा देने पर सन्नाटा, संघर्ष समिति नाराज़

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 25 फरवरी। छत्तीसगढ़ के बजट में बिलासपुर को बड़ी उम्मीद थी, लेकिन इस बार भी मायूसी हाथ लगी। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा है कि बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को 4सी श्रेणी में बदलने के लिए न तो कोई ठोस घोषणा हुई और न ही अलग से राशि तय की गई। इससे शहर के लोगों में निराशा है।

समिति का कहना है कि सरकार ने एयर प्रमोशन योजना के तहत बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर एयरपोर्ट के लिए 90 करोड़ रुपये रखे हैं, लेकिन यह रकम असल में सीधी सुविधा नहीं है। यह राशि तब इस्तेमाल होती है जब किसी रूट पर यात्रियों की संख्या कम हो और एयरलाइन को घाटा हो।

बिलासपुर से दिल्ली और प्रयागराज जाने वाली उड़ानों में आमतौर पर 80 प्रतिशत तक सीटें भर जाती हैं। ऐसे में यहां सब्सिडी की जरूरत कम पड़ती है। इसके उलट जगदलपुर–जबलपुर, जगदलपुर–दिल्ली या अंबिकापुर–रायपुर जैसे रूट पर यह मदद ज्यादा काम आती है। समिति का अंदेशा है कि 90 करोड़ का बड़ा हिस्सा दूसरे शहरों को फायदा पहुंचाएगा, जबकि बिलासपुर को सीधा लाभ नहीं मिलेगा।

समिति ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार सब्सिडी दे रही है, तो खुली निविदा क्यों नहीं निकाली जा रही? अभी पूरा भरोसा सिर्फ सरकारी विमानन कंपनी एलायंस एयर पर है।

समिति के मुताबिक एलायंस एयर के पास विमानों की कमी है। हैदराबाद-बिलासपुर उड़ान की घोषणा दो साल पहले की गई थी, लेकिन अब तक शुरू नहीं हो पाई। बिलासपुर-प्रयागराज सेक्टर पर यात्रियों की अच्छी संख्या होने के बावजूद उड़ानों की संख्या पहले चार दिन से घटकर दो दिन और अब सिर्फ एक दिन रह गई है। अधिकारियों से बातचीत में कारण बताया गया, विमानों की कमी।

संघर्ष समिति का कहना है कि अगर खुली निविदा निकाली जाए तो निजी कंपनियां भी आ सकती हैं। इंडिगो और स्पाइस जेट जैसी कंपनियों के पास पर्याप्त विमान हैं और वे बिलासपुर से नियमित उड़ानें चला सकती हैं।

समिति का मानना है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी तो सेवाएं बेहतर होंगी, उड़ानों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। केवल एक कंपनी पर निर्भर रहने से शहर की हवाई कनेक्टिविटी सीमित रह जाती है।

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को 4सी श्रेणी में बदलने की मांग लंबे समय से चल रही है। इस दर्जे के बाद बड़े विमान उतर सकेंगे और नए शहरों के लिए उड़ानें शुरू हो सकेंगी। इससे उद्योग, व्यापार और शिक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

फिलहाल बजट में ठोस प्रावधान न होने से लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बिलासपुर की अनदेखी कब तक होगी।


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