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सांप के डसने की झूठी कहानी रच 4 लाख की सरकारी मदद हड़पी!
19-Feb-2026 11:26 AM
सांप के डसने की झूठी कहानी रच 4 लाख की सरकारी मदद हड़पी!

कलेक्टर के निर्देश पर एफआईआर दर्ज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 19 फरवरी। छत्तीसगढ़ सरकार की आपदा राहत योजना में सर्पदंश के नाम पर फिर नया घोटाला सामने आया है। तखतपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत चना डोंगरी में बीमारी से हुई मौत को सांप के डसने का मामला दिखाकर 4 लाख रुपये की सरकारी सहायता हासिल कर ली गई। जांच में खुलासा होने के बाद बिलासपुर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए नामजद एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

जांच में सामने आया कि चना डोंगरी निवासी पुरुषोत्तम श्रीवास की मौत लकवे (पैरालिसिस) के इलाज के दौरान हुई थी। नियम के मुताबिक बीमारी से हुई मौत पर आपदा राहत नहीं मिलती।

इसी का फायदा उठाने के लिए क्षेत्र में सक्रिय एक कथित दलाल गिरोह ने मृतक की पत्नी उर्वशी श्रीवास से संपर्क किया। उसे समझाया गया कि अगर मौत को सांप के डसने से हुई दिखा दिया जाए तो सरकार से 4 लाख रुपये मिल सकते हैं। साजिश को अंजाम देने के लिए सरकारी कागजों से छेड़छाड़ की गई। फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की गई और राजस्व विभाग के दस्तावेजों में भी बदलाव किया गया।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि तहसीलदार के हस्ताक्षर तक जाली बनाए गए। यानी अस्पताल से लेकर तहसील कार्यालय तक कागजों में फर्जीवाड़ा किया गया।

मामला सामने आने पर बिलासपुर कलेक्टर ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। जब राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के असली रिकॉर्ड से तुलना की गई तो पूरा खेल खुल गया। चिकित्सीय दस्तावेजों में साफ लिखा था कि मौत लकवे की वजह से हुई थी, न कि सांप काटने से। मुआवजा पाने के लिए जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी गई थी, वह पूरी तरह फर्जी निकली।

तखतपुर थाना प्रभारी विवेक पांडे के अनुसार शुरुआती जांच से संकेत मिलते हैं कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित सिंडिकेट का काम हो सकता है। थाने में उर्वशी श्रीवास और उसके साथियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।


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