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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफ़े की मांग की है. उन्होंने दावा किया कि 2014 से 2017 के बीच हरदीप पुरी और यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन के बीच 62 ईमेल एक्सचेंज हुए.
पवन खेड़ा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा, "हाल में हरदीप सिंह पुरी का एक और इंटरव्यू देखा, जो 17 मिनट का था. इसमें 11 मिनट तक उन्होंने सफ़ाई दी और 5-6 मिनट राहुल गांधी पर बोले. लेकिन हमारा मानना है कि राहुल गांधी जी को एपस्टीन के दोस्तों के वैलिडेशन की ज़रूरत नहीं है."
"हरदीप पुरी ने कहा कि 'बाद में मुझे एहसास हुआ कि यह एक ग़लती थी, उसके बाद मेरा उससे ज़्यादा संपर्क नहीं रहा.' जबकि पिछले इंटरव्यू में कहा था कि वो 'असहज' हो गए थे. सवाल ये है कि असहज होने के बाद एपस्टीन से क्यों मिलते रहे. हरदीप पुरी बताएं कि एक बलात्कारी के साथ रिश्ता रखना अपराध है या नहीं?"
पवन खेड़ा ने कहा, "जून 2014 में हरदीप पुरी क्या थे, किस पद पर थे और उन्होंने किस हैसियत से एपस्टीन से मुलाक़ात की. इसमें रोचक बात ये है कि नरेंद्र मोदी ने मई 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और जून 2014 में हरदीप पुरी की मुलाक़ात का सिलसिला शुरू होता है."
पवन खेड़ा ने दावा किया, "जब एपस्टीन ने हरदीप पुरी से पूछा कि रीड हॉफमैन (लिंक्डइन के को-फ़ाउंडर) के साथ मीटिंग कैसी थी? तब हरदीप पुरी कहते हैं कि मैं आपसे पर्सनली मिलकर ये बताना चाहूँगा. आख़िर हरदीप पुरी बार-बार एपस्टीन से मिलने का बहाना क्यों देख रहे थे?"
इससे पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने एपस्टीन फ़ाइल्स में नाम आने पर अपनी बात रखी थी. उन्होंने कहा, "एपस्टीन से उनकी मुलाक़ात केवल कुछ मौक़ों पर, वह भी एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के तौर पर हुई थी और उनके साथ सिर्फ़ एक ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था."
हरदीप पुरी का कहना था कि एपस्टीन से जुड़े मामलों से उनका लेना-देना नहीं है, मेल से जो भी बातचीत हुई है वो सार्वजनिक है. (bbc.com/hindi)


