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हवाई सेवा जन संघर्ष समिति करेगी सांसद साहू से पहल की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 16 फरवरी। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बिलासपुर से देश के बड़े शहरों तक सीधी हवाई सेवा शुरू करने की मांग फिर उठाई है। समिति ने कहा है कि केंद्र सरकार की नई उड़ान योजना में बिलासपुर से सभी प्रमुख महानगरों के लिए उड़ानें शामिल की जाएं। इसके लिए राज्य सरकार को तुरंत पहल करनी चाहिए।
समिति ने यह मांग बिलासपुर सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के समक्ष भी रखने का फैसला किया है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पहले की उड़ान योजनाओं में बिलासपुर को पूरा लाभ नहीं मिल पाया। कारण यह रहा कि समय पर अच्छे और व्यावसायिक रूप से मजबूत रूट शामिल नहीं किए गए।
अब नई योजना शुरू होने जा रही है, ऐसे में समिति ने मांग रखी है कि बिलासपुर से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, जयपुर, वाराणसी और पटना जैसे शहरों के लिए सीधी उड़ानें प्रस्तावित की जाएं।
समिति का कहना है कि अगर सही समय पर प्रस्ताव भेजा गया तो बिलासपुर को इस बार बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिल सकती है।
समिति ने समझाया कि उड़ान योजना के तहत केंद्र सरकार किसी खास रूट के लिए टेंडर निकालती है और चयनित एयरलाइन को तीन साल के लिए वह रूट सौंपती है।
इन तीन सालों तक टिकट दर पर केंद्र सरकार सब्सिडी देती है, तथा उस रूट पर दूसरी एयरलाइन को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होती। इसे अतिरिक्त अगर एक फ्लाइट फुल रहती है तो दूसरी फ्लाइट की भी मंजूरी मिल सकती है
ऐसे में अगर बिलासपुर से मजबूत रूट तय हो जाते हैं, तो एयरलाइन कंपनी को भी फायदा होगा और शहर को भी लंबे समय तक हवाई सेवा की गारंटी मिल सकती है।
जन संघर्ष समिति का कहना है कि अगर राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि केंद्र से समय रहते बात करें, तो बिलासपुर के लिए कई अच्छे रूट स्वीकृत हो सकते हैं। व्यापार, शिक्षा और चिकित्सा के लिहाज से तेजी से बढ़ते बिलासपुर को अब बेहतर हवाई सुविधा की जरूरत महसूस हो रही है। अगर बड़े शहरों से सीधी उड़ानें शुरू होती हैं तो निवेश, रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
समिति का इस मुद्दे पर जनआंदोलन भी लगातार जारी है। रविवार को हुए धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
प्रदर्शन में रवि बनर्जी, अनिल गुलहरे, बद्री यादव, राशिद बख्श, नारद श्रीवास, प्रदीप राही, संतोष पिपलवा, चित्रकांत श्रीवास, पूर्व महापौर रामशरण यादव, प्रतीक तिवारी, केशव गोरख, संदीप बाजपेयी, आशुतोष शर्मा, मझहर खान, अमर बजाज, गौरव एरी, मोहन जायसवाल, रणजीत सिंह खनुजा, परसराम कैवर्त, बद्री प्रसाद कैवर्त, शिरीष कश्यप, मोहम्मद शहनवाज, मनोज तिवारी, अकील अली और सुदीप श्रीवास्तव मौजूद रहे।


