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एसडीएम-नायब तहसीलदार पर हत्या के आरोप, 4 हिरासत में
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलरामपुर/राजपुर, 16 फरवरी। बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत हंसपुर में हुई मारपीट की घटना में एक ग्रामीण की मौत के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल है। मामले में कुसमी में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) करुण कुमार डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा सहित राजेश यादव एवं अजय सिंह पर मारपीट से मौत का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने उक्त सभी को राजपुर थाना लाकर हिरासत में रखा है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना ग्राम पंचायत हंसपुर की बताई जा रही है, जहां कथित तौर पर अवैध बॉक्साइट खनन और ट्रक से परिवहन किए जाने की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने बॉक्साइट लोड ट्रक को पकडक़र विरोध शुरू कर दिया था, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची।
इसी दौरान हंसपुर निवासी 62 वर्षीय रामनरेश राम (पिता रेघा उरांव), 60 वर्षीय अजीत (पिता लालचंद उरांव) और 20 वर्षीय आकाश (पिता रूपसाय अगररिया) खेत से काम कर घर लौट रहे थे।
आरोप है कि एसडीएम करुण कुमार डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा सहित उनके साथ पहुंचे अन्य लोगों ने इन तीनों ग्रामीणों पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। मारपीट में रामनरेश राम गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें रात में अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना में अजीत और आकाश घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
ग्रामीण की मौत की खबर फैलते ही हंसपुर गांव और कुसमी क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है और क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस ने हत्या के मामले में एसडीएम करुण कुमार डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा सहित अन्य 2 को हिरासत में लेकर राजपुर थाना में रखा है। मृतक का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है तथा घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण कार्रवाई में देरी की स्थिति भी बनी हुई है। वहीं, घटना को लेकर प्रशासन द्वारा आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। अस्पताल और थाना परिसर में मीडिया की पहुंच सीमित कर दी गई है, जिससे मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं और सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अवैध खनन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
समाचार लिखे जाने दोपहर एक बजे तक मृतक का पोस्टमार्टम जारी था और पुलिस द्वारा घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे थे। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।



