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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
सूरजपुर, 14 फरवरी। जिला कांग्रेस कार्यकारिणी की नई सूची जारी होने के बाद संगठन में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पूर्व मंत्री स्व. तुलेश्वर सिंह की पुत्री शशि सिंह के जिला अध्यक्ष बनने के बाद से ही पार्टी में गुटीय खींचतान की चर्चा थी, जो अब कार्यकारिणी गठन के बाद और तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के दौरान पैलेस और बघेल गुटों के बीच संतुलन साधने की कोशिश की गई थी। उस समय पैलेस खेमे के कई समर्थकों को भी ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया, जिससे जिला अध्यक्ष शशि सिंह नाराज बताई गईं। हालांकि, हाल ही में घोषित जिला कार्यकारिणी के बाद पैलेस खेमे से जुड़े नेताओं में असंतोष उभर आया है।
विरोध की मुख्य वजह वरिष्ठ नेताओं को तरजीह नहीं दिए जाने को बताया जा रहा है। आरोप है कि नई कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को स्थान दिया गया है, जिनकी पार्टी के प्रति निष्ठा पर सवाल उठते रहे हैं। वहीं, पूर्व कार्यकारिणी में शामिल कई नेताओं को इस बार जगह नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ गई है।
इसी क्रम में जिला अध्यक्ष के परिवार से ही बड़ा इस्तीफा सामने आया है। जिले के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद तथा प्रेमनगर विधानसभा से दो बार विधायक रहे खेलसाय सिंह की बहू उषा सिंह ने जिला उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
इसके अलावा ओडग़ी ब्लॉक के बिहारपुर क्षेत्र के कांग्रेसी नेता गोरखनाथ पाठक, जिन्हें कार्यकारिणी में महामंत्री बनाया गया था, उन्होंने भी इस्तीफा दे दिया है। सरोज मानिकपुरी ने भी नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष से सदस्य बनाए जाने पर असंतोष जताते हुए पद छोड़ दिया है। हालांकि, सभी नेताओं ने इस्तीफे की वजह पारिवारिक व्यस्तता बताई है।
गौरतलब है कि शशि सिंह के जिला अध्यक्ष का पद संभालने के बाद से ही संगठन में अंदरूनी घमासान की स्थिति बनी हुई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई वरिष्ठ नेता उनसे दूरी बनाए हुए बताए जा रहे हैं।
वहीं, पदाधिकारियों के इस्तीफे के संबंध में पूछे जाने पर जिला अध्यक्ष शशि सिंह ने कहा कि संगठन में किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है और न ही उन्हें किसी का इस्तीफा प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसे सोशल मीडिया की अफवाह करार देते हुए कहा कि उन्हें किसी भी इस्तीफे की आधिकारिक जानकारी नहीं है।


